दिनकर" जयंती समारोह मनाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक। राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी एवं राजनीतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन।
सृजनात्मक प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होंगे कई प्रखंड के प्रतिभागी। कवि सम्मेलन एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन।
बीहट। सच आज तक न्यूज़ संवाददाता यदुनंदन।
117वीं दिनकर जयंती समारोहपूर्वक मनाने को लेकर रविवार को राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति विकास समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण बैठक हुई। बरौनी प्रखंड के दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के मुचकुंद वाचनालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा एवं संचालन वरीय सदस्य राजेश कुमार सिंह ने किया। समिति के सदस्यों ने आगामी सितंबर माह में आयोजित होने वाले "दिनकर" जयंती को पखवाड़ा के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। दिनकर जयंती पखवाड़ा के अंतर्गत विद्यालयी कार्यक्रम के साथ-साथ 23 एवं 24 सितंबर 2025 को दो दिवसीय राजकीय एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। साहित्यिक आयोजन के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं विराट "कवि सम्मेलन" के अलावे कई सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रकवि दिनकर सृजनात्मक प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता परीक्षा मध्य एवं माध्यमिक स्तर पर अगस्त माह में आयोजित किया जाएगा जिसमें कई प्रखंड के बच्चे शामिल होंगे। चयनित प्रतिभागियों को जयंती के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही एक स्मारिका समर शेष है...13 का प्रकाशन किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों को संपन्न कराने के लिए संयोजक बनाया गया है। साहित्यिक आयोजन के लिए रामनाथ सिंह, राजनीतिक कार्यक्रम के लिए अमरदीप सुमन को संयोजक बनाया गया। स्मारिका प्रकाशन का दायित्व राजेश कुमार सिंह एवं प्रवीण प्रियदर्शी को मीडिया प्रभारी बनाया गया है।आर्थिक सहयोग के लिए कृष्ण कुमार शर्मा एवं कृष्णनंदन सिंह पिंकू के नेतृत्व में एक उपसमिति गठित की गई। विद्यालयी कार्यक्रम के लिए लक्ष्मणदेव कुमार एवं सृजनात्मक प्रतियोगिता परीक्षा के संचालन के लिए संयोजक के तौर पर विनोद बिहारी को मनोनीत किया गया। वहीं परीक्षा संपन्न कराने के लिए एक कोर कमिटी गठित की गई है। बैठक में दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह, सचिव संजीव फिरोज, राजेन्द्र राय नेताजी, लक्ष्मणदेव कुमार, अमरदीप सुमन, जितेन्द्र झा, कृष्णनंदन सिंह पिंकू, दिनकर स्मृति विकास समिति के सचिव प्रदीप कुमार, रामनाथ सिंह, ए के मनीष, पुस्तकाध्यक विष्णुदेव सिंह समेत कई गणमान्य मौजूद थे।



