विश्व कल्याण के लिए वेद का ज्ञान आवश्यक : स्वामी चिदात्मन जी महाराज।
बीहट। सच आज तक न्यूज़ संवाददाता यदुनंदन कुमार
सिमरियाधाम में स्वामी चिदात्मन जी महाराज के मौजूदगी में सर्वमंगला परिवार के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर सदस्यों के बीच वेदों की महत्ता पर चर्चा की गई। सिद्धाश्रम के स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि वेद मानव जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। वेद ज्ञान, धर्म और संस्कृति का स्रोत है। वेदों में जीवन के सभी पहलुओं जैसे आध्यात्मिक सामाजिक एवं भौतिक के लिए मार्गदर्शन का काम करती है। वेदों का अध्ययन और अनुसरण करके मनुष्य अपने जीवन को बेहद बना सकता है। उन्होंने कहा कि वेद ज्ञान का स्रोत एवं संस्कृत का आधार है। वेद के बिना सनातन धर्म अधूरा है। वर्षों की दास्ता हमें वेदों से अलग कर दिया है । इसलिए पारिवारिक,सामाजिक के साथ-साथ राष्ट्रीय अशांति उत्तरोत्तर बढ़ती चली जा रही है। वेद के पुनर्स्थापना, पुनर्जागरण एवं प्रचार प्रसार से ही परिवार समाज राष्ट्र एवं विश्व का कल्याण संभव हो सकता है । स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था की ओर वेदों के उत्थान के लिए निरंतर किये जा रहे प्रयास काफी सराहनीय है । इस प्रकार वेद संपूर्ण भारतवर्ष ही नहीं विश्व कल्याण के लिए पुनर्जागरण की स्थिति में पहुंच चुकी है। वहीं दूसरी ओर वेद हमें जीवन के अर्थ मुक्ति के मार्ग पर चलना सिखाती है । इसी कडी में सर्वमंगला आध्यात्मिक योग विद्यापीठ द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वेद विज्ञान विद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया । डॉ घनश्याम झा ने कहा कि वर्तमान समय में वेदों का बहुत ही महत्व है । वेद ज्ञान का भंडार होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय संस्कृति दर्शन और धर्म का आधार है। वेद हमें जीवन के अर्थ कर्मों के फल और मुक्ति के मार्ग पर चलना सिखाती है। सर्वमंगला के व्यवस्थापक रविंद्र ब्रह्मचारी ने कहा कि सर्वमंगला परिवार के द्वारा पुनर्स्थापित किये जा रहे वेद विज्ञान पाठशाला मिथिला क्षेत्र के लिए ही नहीं संपूर्ण भारतवर्ष के लिए एक आदर्श के रूप में स्थापित होगा। इस अवसर पर पंडित शिवचंद्र झा, प्रोफेसर विजय कुमार झा, दिगंबर शास्त्री आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।मौके पर शैलेंद्र, अमरेंद्र,दिनेश झा, सनातनता, राम, लक्ष्मण सहित अन्य विचारक उपस्थित थे।


