साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में अपराधियों का साम्राज्य काम हो चुका है, अपराधियों के धमकी के आगे ग्रामीण भी भयभीत।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से पीड़ित परिजन एवं ग्रामीणों ने सुनाई अपनी व्यथा।
संदलपुर गांव में राकेश कुमार उर्फ विकास कुमार की हत्या के उपरांत उनके परिजनों एवं ग्रामीणों को भी मिल रही है धमकी। अपराधी बरा या प्रशासन? उठ रहे हैं सवाल,?
बरौनी/ बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट।
साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र से संदलपुर गांव से हम के नेता एवं 20 सूत्री सदस्य राकेश कुमार उर्फ विकास की संगठित अपराधियों द्वारा अप हरि कंर जघन्य रूप से हत्या कर दी और उसके लाश को मुसफिल थाना मुंगेर के दियारा में गंगा किनारे गढाकोर कर लाश को मुक्त गड्ढे में दफना दिया। पुलिस हाथ पांव मरती रही, मुख्य आरोपी के पत्नी( सरपंच) एवं एक दूसरे आरोपी के पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। वही वही मुख्य आरोपी के घर की कुर्की जपती भी की। लेकिन लेकिन अपहरित और अपहरण करता का आता-पता पुलिस लगाने में विफल रही। अपहरण के पांचवें दिन जियरा जा रहे किसानों के सूचना पर मुंगेर मुसफिल थाना पुलिस ने साहेबपुर कमाल थाना के पुलिस को साथ लेकर स्थल पर पहुंचकर बालू के देर से खुदाई कर लाश को बरामद किया। फिर परिजनों को बुलाकर लाश की पहचान करवाई, और पोस्टमार्टम करा कर लाश को परिजनों को सौंप दिया। घटना उपरांत पीड़ित परिजनों को संतावना देने राजनीतिक संगठनों के नेताओं द्वारा पंचायत का दौरा प्रारंभ हो गया। इसी क्रम में बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह एवं बेगूसराय के विधायक कुंदन सिंह सदलपुर पंचायत पीड़ित की हाल जाने एवं संतान देने पहुंचे। इस क्रम में पीड़ित परिवार एवं गांव के लोगों द्वारा उन्हें यह बताया गया कि अब हम लोग क्या गांव से पलायन कर जाएं? क्योंकि अपराधियों द्वारा बार-बार धमकी मिल रही है की कैसे उठा लो, और कोई मुंह नहीं खुलेगा गवाही नहीं देगा? नहीं तो राकेश कुमार के जैसा ही हाल तुम लोगों का भी करेंगे? इस बात पर आक्रोशित होकर मंत्री ने जिला प्रशासन से सख्त कार्यवाही करने का अनुरोध किया। एवं मंत्री ने कहा की बिहार सरकार को बदनाम करने के बजाय अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जबकि परिजनों ने एवं ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि अपराधी और पुलिस की मिली भगत के कारण अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है यहां तक की मृतक के रिश्तेदारों को भी जान मारने की धमकियां दी जा रही है। वही भाकप्पा मले के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने अपने पांच सहयोगियों के साथ परिजनों से मुलाकात कर प्रशासन से मांग की, कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर एसपीडी ट्रायल के चाहत फांसी की सजा दी जाए। जबकि घटना उपरांत से ही जिला प्रशासन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई ग्रुप बनाकर जगह-जगह छापामारी में जुटी है। इतना ही नहीं मुख्य आरोपी की पता देने वाले को 25 000 एवं उनके सहयोगियों की बता देने वाले कोई ₹10000 इनाम की भी घोषणा की है और मुख्य आरोपी के घर के साथ-साथ उनके सहयोगियों के भी घरों की भी कुर्की जपती की कार्यवाही लगातार कर रही है। लेकिन सभी अपराधी कि बिल में समा गए हैं जो पुलिस पकड़ने में असफल हो रही है?




