विचौलिये के झांसा में नहीं आए अभिमावक नहींतो बच्चों का जीवन हो जाण्गा बबांद पेसा ही एक वाकया जिले में घटी है. जहां छात्र को नवोदय विद्यालय का फॉ मरवाने का कार्ग किया '
सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
गया और जिला शिक्षा थरवााछनरी का फजीं हस्ताक्षर कर बच्चों के माता-पिता को सीप दिया गया. नेकिन छत्र विवेक आनंद पढ़ने में बेहतर होने क बावजुद गलत दस्तावेज के चक्कर में नामांकन से वंचित रह गया टुस बात क खुलासा तब हुआ जब अभिभावक अपने बच्चों 'को नामाकन करान के लिए नवादय विद्यालय गए थे जहां विवेक आनंद का नामांकन' तो हों गया, लकिन नवोदय विद्यालय ' प्रशासन को जव षस्ताक्षर पर शंका हुआ नो इसकी प्रति जिला शिक्षा पर्दाधिकारी के कायालय जांच के लिए मेज दी गई. जहां पहले हीनजर शिक्षा विमाग कायलय कमी की लगा कि काठंटर साइन वाले टीसी फजीा है जिसमें प्रखंड-शिक्षा |
पटाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर पाया गया. अभिभावक को भरोसा था कि यह टीसी ओरिजिनल है, लेकिन जांच के दैरान फजीं पाया गया. जिस विद्यालय सेटीसी निरगंत किया गया उस विद्यालय कानाम पीस फरोस पिपरा देवस बरौनी है. जब उक्त विद्यालय से संबंधित कमी को दस्तावेज के साथ बुलाया गया, तो उसने कहा इस तरह की हस्ताक्षर करके मैं नहीं दिया हंतो वहीं अभिभावक ने आरोप लगाया कि इन्हीं के द्वारा टीसी दिया गया है बताते चलें कि यह कारोबार घड़ल्ले से किया जाता है. जिसका शिकार विवेक आनंद नाम के ऋत्र हो गए. जात होगी इस कारोवार में कछ ऐसे विद्यालय हैंजो घइल्ले से क रहे R अभिभावक से मोटी रकम लैकर नवोदय विद्यालय कै द्वारा नामांकन के लिए आयोजित जांच परीक्षा मैं पास करने के दुवे भी करते हैं और अभिभावक इनके चक्कर म आकर फंस जाते है हालाकि सर्धित विद्यालय पर प्रा्थमिक दर्ज करवाने की कार्रवाई की बात भी सामने आ रही है|



