दो परिवार का संबंध और दो दिलों का मनबंध कलयुग में बिगड़ता जा रहा है।
संबंध और मन बंध कलयुग में पैसों के आगे हो रहे बर्बाद।
ससुराल वालों ने दहेज को लेकर सास ससुर और पति ने कि अपने ही दुल्हन की हत्या।
लड़की वालों ने अपने क्षमता के अनुसार अपनी पुत्री की शादी में दान -दहेज देकर की थी।
लोभी ससुराल वालों ने और पैसों की मांग को लेकर अपने ही दुल्हन की साजिश रथ कर हत्या कर दी।
शादी के बाद से ही लड़की के मायके वालों से दहेज के नाम पर बरौनी माल गोदाम के सामने की दुकान और जमीन लिख देने का दबाव डाल रहे थे। ।
आरक्षी अधीक्षक के सख्त आदेश पर संबंधित थाना पुलिस ने मृतिका के साश, ससुर और पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया।
बरौनी/ बेगूसराय/ संवाददाता महंथ रामजीवन दास की रिपोर्ट
सरकार द्वारा दहेज लेने पर सख्त कानूनी कार्यवाही करने की आदेश के बावजूद इस घोर कलयुग में दो परिवारों का संबंध और दो दिलों के मन बंध नहीं बल्कि की पैसों की लेनदेन की होती है शादी। ऐसा ही मामला रिफाइनरी थाना क्षेत्र के मोसादपुर तिलरथ वार्ड संख्या 9 की बात बताई जाती है, । बताया जाता है कि तेघड़ा थाना क्षेत्र के मधुरापुर वार्ड संख्या-8 निवासी राजा रोशन की पत्नी राधिका देवी ने पुलिस को बताया है कि 1 वर्ष पूर्व हिंदू रीति रिवाज के तहत बरौनी रिफाइनरी थाना क्षेत्र के मोसादपुर तिलरथं वार्ड संख्या नौ निवासी श्रीकांत सिंह के पुत्र अंशु कुमार के साथ हिंदू रीति रिवाज के तहत क्षमता के अनुसार लेनदेन करके अपनी बच्ची 19 वर्षीय शासा कुमारी का विवाह किया था। शादी के बाद से ही मेरी पुत्री अपने ससुराल में ही रहती थी। लेकिन ससुराल वालों ने एक गहरी साजिश के तहत एकजुट होकर दहेज के नाम पर बरौनी माल गोदाम के पास की जमीन और दहेज के नाम पर लिख देने का दवाब बनाने लगे। जो संभव नहीं था । जिसको लेकर ससुराल वालों ने लड़की को मारपीट वो तगो तबाह करने लगे। आवेदन के अनुसार ससुराल के सास ससुर और पति ने एक साजिश के तहत मेरी लड़की को आग लगाकर बुरी तरह जला दिया जिसकी सूचना 11 में को उसके घर के बगल के लोगों द्वारा हम लोगों को सूचना मिली। ग्रामीणों ने यह भी सूचना दी कि यह घटना हत्या करने के लिए से की गई है और उसे इलाज के लिए बेगूसराय के नव लोक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सूचना पाते ही 12 में को जब हम लोग अस्पताल पहुंचे तब तक उसके ससुर ने उक्त हॉस्पिटल से मरीज को हटाकर सदर हॉस्पिटल बेगूसराय में इलाज के लिए भर्ती कराकर सभी लोग वहां से भाग निकले। जहां इलाज के दौरान 16 में को मेरी पुत्री साशा कुमारी की मृत्यु हो चुकी थी। पीड़ित मां के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने बरौनी स्थित रेलवे माल गोदाम के सामने की जमीन और दुकान अपने नाम करवाने का धमकी दे रहा था और ससुराल वालों की मांग पूरा नहीं करने के करण उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आवेदन में यह भी कहा गया है कि शादी के समय अपनी औकात के अनुसार दान दहेज देकर हिंदू रीति रिवाज के साथ शादी रचाई गई थी। तगो तबाह करने के कारण हमने अपने बच्चों को वीसागरी करा कर उसे अपने नैहर मधुरापुर ले गए। लेकिन फिर ससुराल वालों ने जलसाजी के तहत उसे वहां से वीदागरी करा कर अपने घर ले आए और तब गहरी साजिश रच कर आग लगाकर 10 मई कोउसकी हत्या नीयत से आग दी जिसका इलाज के दौरान मौत हो गई । जिसका लिखित आबेदन रिफाइनरी थाना में दी गई। जिसको लेकर मृतक की माता-पिता ने संबंधित डीएसपी से लेकर आरक्षी अधीक्षक तक गुहार लगाई। आरक्षी अधीक्षक के आदेश पर मृतिका के मरने के 9 दिन के बाद रिफाइनरी थाना कांड संख्या-48/25 के तहत मामला रजिस्टर्ड की गई।
इस संबंध में बरौनी रिफाइनरी थाना अध्यक्ष अमरजीत प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में मृतिका शासा कुमारी के पति अंशु कुमार साश उषा देवी और ससुर श्रीकांत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर आवश्यक कार्यवाही करते हुए न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया है।
सरकार के द्वारा दहेज लोभियोंयों के ऊपर बनाए गए सख्त कानून के बावजूद दहेज लोभियो द्वारा बेकसूर बच्चियों का दहेज के नाम पर आज भी हो रही है हत्या। दहेज लोभियों द्वारा निरपराध मासूम बच्चियों की हत्या की जा रही है।
बुद्धिजीवियों के अनुसार जिले के अंदर ऐसे बहुत लोभी परिवार है जो अपने घर में पुत्री नहीं होने के कारण अपनी दुल्हन के परिजनों को लालच में तगो तबाह किया करते हैं।


