लक्ष्मीनारायण महायज्ञ बगरस में व्रतियों का हुजूम।
बखरी /बेगूसराय।/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट।
रामजानकी ठाकुरवाड़ी बगरस में आयोजित नौ दिवसीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में सुबह व्रतियों ने हवन-पूजा अर्चना किया।हवन कार्य का संचालन बनारस से आये आचार्य रामनाथ मिश्र महाराज द्धारा किया जा रहा है। मंगलवार से आयोजित नौ दिवसीय यज्ञ में सुबह-सुबह ही वतियों का हुजूम उमड़ पड़ा।ज्यों-ज्यों महायज्ञ का संदेश लोग सुन रहे हैं, श्रद्धालुओं का हुजूम महायज्ञ में उमड़ते जा रहे है।शुक्रवार की सुबह मंडप में व्रती बने ग्राम पंचायत राटन के मुखिया जीवो देवी उनके पति सुरेश राम,पूर्व मुखिया सरोजनी भारती,पूर्व जिला परिषद सदस्य नरेश पासवान, समाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार,भूषण महतों,अमरनाथ साहू,सुभाष कुमार,राजेश गोस्वामी,अमरजीत कुमार,ललन शर्मा,विक्रांत कुमार, आदि लोग अपनी पत्नी के साथ व्रती बनकर हवन-पूजा में भाग लेते हुए बताया कि हमलोग प्रतिदिन सुबह में सात बजे से ग्यारह बजे तक एवं पुनः ढाई बजे अपराह्न से चार बजे तक हवन-पूजा में भाग लेते हैं।यह पूछने पर कि व्रती बनकर प्रत्येक दिन कैसा अनुभव कर रहे हैं, तो इन लोगों ने बताया कि सारा तनाव भूल चुके हैं, शरीर हल्का महसूस हो रहा है, मन मे किसी प्रकार का ईर्ष्या द्वेष नही है, शरीर मे ज्ञान की एक अलग ताकत महसूस हो रही है।
यज्ञ समिति के कार्यालय में बैठे भोला महतों,धर्म नारायण महतों,चन्द्रशेखर कुशवाहा,जितेन्द्र जीतू,रामनाथ सहनी,सोनू रजक,सुनील सहनी,अजित सरकार,विनय कुमार,लाल साहब,अंकित कुमार,अजित सरकार,मिथिलेश कुमार,प्रशांत कुमार,शशि कुमार,मिंटू सर,आदि लोगों ने कहा कि हवन-पूजा में चयनित उन्नीस पति-पत्नी की जोड़ी भाग ले रहे हैं, लेकिन अब हवन में और भी लोग शामिल होना चाह रहे हैं लेकिन अभी सम्भव नही है,हवन कार्य मे अन्य लोगों के लिये अंतिम तीन एवं चार जून को शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
*महाआरती अनुष्ठान बनाया एक अलग पहचान*
कार्यकर्ताओं ने आगे बताया कि लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में महाआरती का अनुष्ठान ने क्षेत्रवासियों के लिये एक अनोखा एवं श्रद्धा का प्रतीक कार्यक्रम बनकर उभरा है।महाआरती में बढ़ते भीड़ को देखते हुए मंच को बीस फिट पीछे खिसकाना पड़ा है।इस महा आरती में प्रत्येक दिन पहले से चिन्हत की अलग-अलग पति-पत्नी की जोड़ी यजमान की भूमिका निभाते हैं।लेकिन महा आरती के प्रति लोगो का बढ़ता बेहिसाब झुकाव से यजमान बनने के लिये भी लोगों में होड़ लग गयी है, इसे देखते हुए बनारस अस्सी घाट से आये हुए आचार्य राघव शास्त्री के आदेशानुसार निर्णय लिया गया एक साथ पांच पति-पत्नी की जोड़ी यजमान बन सकते हैं।इसकी जानकारी मिलने से लोगों में खुशी जगी है।
*महायज्ञ में श्रद्धालुओं के मनोरंजन का भी इंतजाम**
टावर झूला,ब्रेक डांस,रेल ड्रैगन,एयर जम्पिंग,सेल्फी पॉइंट के साथ-साथ मिना बाजार एवं लजीज व्यंजन का कॉर्नर बच्चों,महिलाओं एवं युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।



