Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

Sach Aaj Tak News सरकार से ग़रीबों द्वारा लोन लेकर ई रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा चालकों को कमाई से अधिक दबंगों को कर देना मजबूरी हो गई है।

ई-रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा के परिचालन पर रॉक से आम यात्री परेशान। 

बरौनी/ बेगूसराय/ आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट । 


सरकार से ग़रीबों द्वारा लोन लेकर  ई रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा चालकों को कमाई से अधिक दबंगों को कर देना  मजबूरी हो गई है। बरौनी से बेगूसराय जाने   वाले छोटे वाहनों को चौक चौराहे पर भी कर देना मजबूरी है। वही बिहट नगर परिषद प्रशासन द्वारा बरौनी जीरोमाइल चौमुहा सड़क पर बिना स्टैंड बनाए संवेदक बहाल कर दी गई है। बताया जाता है कि अपना पूंजी लगाने वाले संवेदक द्वारा ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के अलावे भी बड़े वाहनों से भी जबरन अधिक कर की वसूली कर रहे हैं। जिसको लेकर मजदूरी कर  अपने बाल बच्चो के पालन पोषण के लिए सड़कों पर वाहन चलकर मजदूरी करते हैं, लेकिन उनके कमाई से करीब तीन हिस्से समवेदको द्वारा जबरन ले ली जाती है। जिस कारण परिवार के लिए रोटी जुटाना तो मुश्किल होता ही है साथ ही किस्ती नहीं  जमा होने के कारण उनके वाहन भी एजेंसी द्वारा जप्त कर ली जाती है। आखिर गरीब ,गरीब ही रह जाता है और उनके बाल बच्चे रोटी के बगैर मृत्यु के गाल में सामने को बेबस हो जाते हैं। जिसको लेकर सीटू के राज्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष विजय कुमार रजक, सचिव मुकेश पोद्दार, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज पासवान, ए एन झा, राम विनय सिंह आदि ने चालकों को संबोधित करते हुए कहा की । जब जनता से निर्वाचित सदन को ठेका, संविदा, व्यवसाय एवं मुनाफा लूटने के संरक्षण में तब्दील किया जा रहा है। तो फिर गरीबों का क्या होगा? प्रतिनिधियों के सहमति से परिषद अधिकारी मुनाफा को बुढ़ापा देने के उद्देश्य से बरौनी जीरो माइल गोलंबर से गुजरने वाले ऑटो रिक्शा से अप एवं डॉउन के लिए 50-50 रुपए तथा ई-रिक्शा से अप एवं डॉउन के लिए 30-30 रुपए की वसूली करना क्या जायज है? जबकि चर्चा है कि ,नगर परिषद प्रशासन द्वारा दोनों बाहनों के  लोगों से मासिक ₹200 लेकर उन्हें पास यीशु करना है। फिर प्रति ट्रिप की वसूली क्यों ?उन लोगों ने कहा कि यह तो मजदूरों के जीवन जीने के अधिकार को छीनने का प्रयास है? वाहनों से सफर करने वाले को भी कारा तमाचा है। अखिर जबरन वसुली को लेकर  वाहन चालक, यात्रा करने वाले आम जनों से ही वसूली करेंगे। जो यात्रियों पर भी भार पड़ेगा। जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा नेताओं ने कहा कि समस्याओं के समाधान नहीं होने पर हड़ताल पर रहने तथा 19 मई तक जबरन कर वसूली का आदेश वापस नहीं लेने पर 20 मई को सड़क पर वाहन   लगाकर सड़कों को जाम कर दिया जाएगा । फिर जाम का आंदोलन चलेगा। वही बुद्धिजीवियों के बीच इस समस्या को लेकर हो रही चर्चा को गर माने तो जनता से वोट लेकर जनप्रतिनिधि बनते हैं और कहते हैं कि हम आपके हर समस्या में साथ रहेंगे। तो फिर यह क्या हो रहा है। यह तो नगर परिषद प्रतिनिधियों को सूचना चाहिए ।गरीबी मिटाने का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि गरीबों को ही मिटाने पर तुले हुए हैं। आखिर गरीबों का क्या होगा?कहां जाएंगे? कैसे जिएंगे? गरीब के बाल बच्चों का क्या होगा? यह चिंचनीय विषय है?

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom