गुप्त सूचना पर पुलिस मंझौल थाना के शिउरी गांव के पास से सीसीएम ट्क पर लोड शराब के साथ ट्रक के ड्राइवर को भी रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बरामद ट्रक से 20 लख रुपए के शराब हुई बरामद।
बेगूसराय/ बरौनी/सच आज तक न्यूज संवाददाता महंथ रामजीवन दास की रिपोर्ट
इन दिनों पैसे कमाने को लेकर संस्कारी लोग भी अवैध कारोबार में विश्वास ज्यादा करने लगे हैं। जिसको लेकर दारू , ग़ाजा, हफीम की तस्करी में जुटे हुए हैं। बताया जाता है कि नशीले पदार्थ की तस्करी में पैसे की अधिक कमाई होती है, अगर पकड़े भी गए तो कुछ इधर कुछ उधर करने के बाद भी अच्छी कमाई हो जाती है, । जबकि सरकार द्वारा नशीले पदार्थ पर रॉक करने के लिए करा कानून बना चुकी है और कानून के तहत अवैध कारोबारी पकड़े भी जा रहे हैं ,या उनके अवैध सामान पकड़े जाते हैं।
ऐसा ही मामला बेगूसराय जिले के पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पश्चिम बंगाल नंबर की एक ट्रक बेगूसराय की ओर जा रही है जिस पर शराब का बंडल लोड है। सूचना मिलते ही मंझौल डीएसपी नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उक्त ट्रक को घेराबंदी का रोक लिया।
जब डीसीएम पर लोड-180 एम एल का 230 कार्टून विदेशी शराब बरामद किया गया। जब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। जिसे मंझौल थाना पर लाकर थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने ट्रक पर लोड शराब को अनलोड करवा कर गिनती करवाई तो सभी शराब 180 एम एल का 48- 48 पीस अंग्रेजी शराब बरामद की गई । जिसकी कुल मात्रा-2001लीटंर है। जिसका बाजार मूल्य करीब 20 लख रुपए बताई जा रही हैं।
ट्रक वाहन का ड्राइवर मुजफ्फरपुर जिला के सकरा थाना क्षेत्र स्थित बिशनपुर महानगरी निवासी मोहम्मद उस्मान के बेटे फूल मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इनपुट के अनुसार शराब मंझौल थाना क्षेत्र में अपलोड कर खुदरा बिक्री के लिए भेजा जाता। लेकिन किसी ने इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी वो संबंधित थाना पुलिस ने डीएसपी नवीन कुमार के नेतृत्व में छापामारी कर शराब लोड उक्त ट्रक को घेराबंदी कर अपने कब्जे में कर ली ।
फिलहाल स्थानीय पुलिस और बड़ीय अधिकारी ड्राइवर से सघन पूछताछ तं बैकवर्ड और फॉरवर्ड सोर्स एवं सही कारोबारी का पता लगाने में जुट गई है।
पुलिस की सक्रियता के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध कारोबार करने वाले नशीले पदार्थ की व्यापार पर रोक लगे या ना लगे लेकिन कारोबारीयों के बीच हरकमप जरूर मचा हुआ है। व्यापारी चाहे ट्रेनों से नशे का सामान लेकर चलाते हो या फिर सड़क वाहन से लेकिन प्रशासन की सतर्कता के कारण व्यापारी कुछ ही समान लेकर भाग जाने में सफल होते होंगे? बाकी तो पुलिस जांच में पकड़े ही जाते हैं। लेकिन अवैध व्यापारी पकड़े गए सामान की क्षति पूर्ति के लिए फिर से अवैध रोजगार में ही जुटे रहते हैं। चाहे वह अवैध कारोबार में कंगाल क्यों ना हो जाए।



