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Sach Aaj Tak News तेज आंधी व बारिश से किसानों के टूटी उम्मीदें, टेंशन में अन्नदाता।

 तेज आंधी व बारिश से किसानों के टूटी उम्मीदें, टेंशन में अन्नदाता। 


मौसम की मार से किसानों की परेशानी बढ़ गई है, किसानों के बीच में इस छाई हुई है ।


सच आज तक न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट

तेघड़ा/ बेगूसराय 

बेगूसराय में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है। बेमौसम बरसात ने जहां लोगों में ठंडक का एहसास दिलाया है। वही फसल को भारी नुकसान पहुंचाने के कारण किसानों के बीच मायूसी छा गई है। तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण एवं दियारा क्षेत्र में गुरुवार आधी रात के बाद तेज आंधी एवं भारी बारिश से खेतों में लगे गेहूं एवं  पीला सोना कहे जाने वाले मक्का की फसल को भारी क्षति पहुंची है। आलू के साथ व मटर खेती के बाद लगाया गया मक्का का फसल अपने परवान पर था लेकिन बीते दिनों लगातार आई तेज आंधी व बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि गत 12 अप्रैल ,17  अप्रैल की देर रात तेज आंधी के साथ बारिश होने के कारण खेतों में लगे गेहूं और मक्का की फसल गिर कर क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि काफी क्षेत्र में मक्का का पेड़ भी टूट गया। इससे स्पष्ट रूप से यह बातें सामने आ रही है कि उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। गेहूं और मक्का के उत्पादन से ही क्षेत्र के अन्नदाता अपने सारे सपने को साकार करते हें। चाहे बेटी का हाथ पीला करना हो अथवा कोई भी अन्य बड़ा आयोजन। परिवार के भरण पोषण से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक प्रखंड के किसान अपने फसल के सहारे ही पूरी करते हें। इस माह में तीन दिन इन फसल को मौसम के बेरुखी का सामना करना पड़ा। हालांकि पूर्व में  हुई बारिश ने मक्का उत्पादक किसानों के खेतों में पटवन करने की झंझट से मुक्ति दिलाया था लेकिन क्या पता कि किसानों की यह खुशी महज 84 घंटे बाद ही काफूर हो जाएगी। क्योंकि गत 12 एवं 17 अप्रैल की देर रात तेज आंधी के साथ बारिश ने उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। किसान अपनी खेत तो जाते हें, लेकिन यह देखने के लिए उनके खेतों में लगे  फसल कितना नुकसान हुआ है। हालांकि किसान अब सरकारी अनुदान मिलने के लिए आस लगाए बैठे हें। 

 *गेहूं की फसल की तैयारी भी हुई प्रभावित* 

 बेमौसम बारिश के भेंट प्रखंड में गेहूं का फसल भी चढ़ा है। लगभग 50  से 60 प्रतिशत गेहूं की कटनी तो हो चुकी है। शेष बचे 40 प्रतिशत गेहूं  कटकर या तो खेतों में गिरा हुआ है या फिर बोझा बांध कर रखा हुआ है। जबकि आधे खेतों में ही फसल लगे हुए हें। ऐसे में गेहूं का फसल भी प्रभावित हुआ है

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