गढपुरा प्रखंड के मालीपुर गांव की रहने वाली लड़की साक्षी कुमारी ने यूपीएससी सिविल सेवा के फाइनल रिजल्ट में 86 वा रैंक हासिल की।
यूपीएससी के सिविल सेवा परीक्षा में बछवारा प्रखंड की चमता पंचायत 01 चोट-खुद गांव निवासी अंजली सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार जिन्होंने 87 वा रैंक लाकर जियरा क्षेत्र का नाम रोशन किया वही बरौली गांव निवासी आईपीएस लक्ष्मण प्रसाद सिंह के छोटे पुत्र हिमांशु शांति लेने कठिन मेहनत और लगन के साथ यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले में परचम लहराया।
बरौनी/ बेगूसराय/ सच आज तक संवाददाता महंथ राम जीवन दास की रिपोर्ट ।
ऊपर की प्रथम तस्वीर में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली बेटी साक्षी, दूसरी तस्वीर में
अभिषेक कुमार और तीसरी तस्वीर में दिव्यांशु शांडिल्य की तस्वीर।
बेगूसराय। यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया। जिसमे बेगूसराय गढ़पुरा प्रखंड के मालीपुर गांव की रहने बाली योगेंद्र पाठक की बेटी साक्षी कुमारी ने यूपीएससी सिविल सेवा के फाइनल रिजल्ट में 86 वां रैंक हासिल की। वही बछवाड़ा प्रखंड के चमथा पंचायत-01 छोट खुट गांव निवासी अंजनी सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार ने देश के सबसे कठिन यूपीएससी की फाइनल परीक्षा में 87 वां रैक प्राप्त किया, वही तीसरा छात्र बरौनी गांव निवासी आईपीएस लक्ष्मण प्रसाद सिंह के चार बच्चों में सबसे छोटा पुत्र दिव्यांशु शाडिल्य ने यूपीएससी की परीक्षा में 1008 रैंक लाकर तीनों ने मिलकर बेगूसराय जिला का नाम न सिर्फ बिहार में बल्कि पूरे देश में रौशन किया है।
== यूपीएससी सिविल सेवा 2024 की परीक्षा में सफलता हासिल करने बाली बेगूसराय गढ़पुरा प्रखंड के मालपुर गांव की कौन है साक्षी कुमारी जानें --
यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में 86वां रैंक लाकर साक्षी कुमारी ने अपने गांव, जिला, राज्य और देश का नाम रोशन किया है। साक्षी कुमारी एक साधारण परिवार की बेटी है। जिसके पिता योगेंद्र पाठक ने पूजा पाठ कराकर अपने पुत्री को देश के सबसे कठिन परीक्षा में सफलता दिलवाने में अहम भूमिका अदा की है।
बेटी साक्षी की प्रारंभिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा की पढ़ाई भी गांव के सरकारी स्कूल से हुई है। उन्होंने मध्य विद्यालय मोरतर गांव के सरकारी स्कूल से 8 वीं की परीक्षा
पास की तथा गांव के पास के ही डॉ लोहिया हाई स्कूल मोरतर स्कूल से वर्ष 2016 में मैट्रिक की परीक्ष प्रथम श्रेणी से पास की। 2018 में सोने सत्तन इंटर महाविद्यालय राजोपुर से
द्वितीय श्रेणी से इंटर की परीक्षा पास की। उसके बाद विमेंस कॉलेज समस्तीपुर से 2021 में पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षा पास की। समस्तीपुर कॉलेज से PG की परीक्षा दी है।जिसका रिजल्ट नहीं निकला है। साक्षी कुमारी ने बताया कि मैने प्रथम प्रयास में 68 वीं बीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सहायक आपदा प्रबंधन अधिकारी बनी थी। उसके बाद शैक्षणिक अवकाश लेकर लगातार हमने अपनी तैयारी में लगी रही और 69
वीं बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। अभी वो पटना में डिप्टी कलेक्टर का प्रशिक्षण ले रही है, साथ ही उन्होंने भारतीय आर्थिक सेवा में भी सफलता हासिल की थी।
साक्षी कुमारी ने यूपीएससी की परीक्षा यह प्रथम प्रयास में ही 68 वां रैंक लाकर अपने जिले का नाम रौशन किया है। साक्षी का परिवार एक छोटा सा पुजारी पंडित है। जिससे परिवार का भरण पोषण होता था। इसी की वजह से वो साक्षी कुमारी
कहीं घर से बाहर रहकर तैयारी नहीं कर सकी। बेटी साक्षी ने कठिन मिहनत और पूरी लगन से घर पर रहकर ऑनलाइन के माध्यम से पढ़ाई कर बीपीएससी से लेकर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की।
== दूसरा बेगूसराय के यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने वाले छात्र बछवाड़ा प्रखंड के चमथा पंचायत -01 छोटखुट गांव निवासी अंजनी सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार हैं। इन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में 87वां रैंक लाकर अपने दियारा क्षेत्र का नाम जिला में रौशन किया। अंजनी सिंह का पुत्र अभिषेक कुमार ने देश के सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल किया है। इनके पिता अंजनी सिंह और मां सोना देवी अपने पुत्र के साथ गुजरात में रहकर कारोबार करने के साथ अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई करवाया वहीं तीसरा छात्र यूपीएससी की परीक्षा में 1008 रैंक लाने वाले बरौनी गांव निवासी आईपीएस लक्ष्मण प्रसाद सिंह के छोटे पुत्र हैं दिव्यांशु शाडिल्य। इन्होंने कठिन मिहनत और लगन के साथ पढाई कर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। दिव्यांशु की मां कॉलेज ऑफ कॉमर्स में प्रो० लक्ष्मी सिंह, वही बहन डॉक्टर रिमझिम और बहनोई भी डॉक्टर उज्जवल हैं। एक बहनोई इनके विजय कुमार इनकम टैक्स में जॉइंट कमिश्नर हैं, तो दूसरे बहनोई इंद्रजीत भी IPS अधिकारी है। इनके अपने चचेरे भाई प्रवीण शेखर है, जो कि अभी बेगूसराय जिला परिषद के सदस्य हैं। ये सभी लोगों ने मिलकर उनके सफलता हासिल करने पर बधाई दी है।



