रेलवे कॉलोनी गढ़हरा का क्वार्टर हुआ 60 साल पुराना,हो रहे जर्जर। 40 क्वार्टर जर्जर होने के कारण परित्यक्त घोषित कर दिया गया है।
कुछ अवैध लोगों द्वारा कुछ क्वार्टर को अभय तरीके से कब्जा करने की भी बातें बताई जाती है।
बरौनी/ बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल का सबसे बड़ा कहलाने वाला रेलवे कॉलोनी गढ़हारा -बरौनी के क्वार्टरों का मेंटेनेंस नहीं होने के कारण रेलकर्मियों के बीच उहापोह की स्थिति बनी रहती है। गढ़हारा के करीब 150 यूनिट क्वार्टर वाले रेलवे कॉलोनी में पानी, बिजली,आवास का छत,दरबाजा,खिड़की,नाला,शौचालय आदि का मरम्मत होने की समस्या हमेशा बनी ही रहती है। यहां सन 1965 से रेलवे कॉलोनी के मेंटेनेंस के लिए आईओ डब्ल्यून कार्यालय बनाया गया है। करीब 60 साल पूराना कॉलोनी की मेंटेनेंस अब ज्यादा खोजता है।इसमें करीब 40 रेलवे क्वार्टर जर्जर होने के कारण परित्यक्त घोषित कर दिया गया है। उक्त परित्यक्त क्वार्टरों में भी कुछ लोगों के अवैध तरीके से रहने की शिकायत मिलती है।इसके बाद विभिन्न विभागों के जरिये उक्त क्वार्टर का पानी,बिजली कनेक्शन आदि काट दिया गया है। कुछ क्वार्टर को जेसीवी से तोड़ दिया गया है।बीते वर्षों से विभागीय व्यवस्था तेजी से बदलता दिख रहा है।अब के वर्षों में वैसे कर्मचारी धीरे -धीरे रिटायर्ड हो रहे हैं ,और जो बचे हैं उन्हें दूसरे विभाग में शिफ्ट किया जा रहा है। अब एप के जरिये विभिन्न विभागों में कम्प्लेन करने का सिस्टम दिया गया है। इधर आईओडब्ल्यू गढ़हारा संजय वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन कम्प्लेन देकर प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निबटारा कराया जाता है। क्वार्टरों की जर्जता को लेकर उसमें रहने वाले रेलकर्मी सदा चिंतित रहने को मजबूर हैं। क्योंकि इस जर्जर क्वार्टर में कब कौन सा हादसा हो जाए, कहना मुश्किल है?





