तेघड़ा के 5 हजार एकड़ में जल जमाव का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया
तेघड़ा विधानसभा के तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत गौरा एक, बरौनी 3, फुलवड़िया 3 शोकहारा, एवं उत्तर तेघड़ा के धनकौल, पकठौल,चिल्हाय एवं पिपरा दोदराज राज कौआ कोल तक। कुल आठ पंचायत के कुल 5000 एकड़ में जलजमाव का मामला विधानसभा में उठाया गया है। तेघड़ा विधानसभा से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक राम रतन सिंह ने किसानों की जमीन थोड़ी सी वर्षा की वजह से जल निकासी के अभाव में खरीफ फसल जल में डूबे रहने का ध्यान सदन में आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि एक तो खरीफ फसल नष्ट हो जाता है दूसरी तरफ रवी फसल की देर से बुवाई होने पर किसानों को खेती करना महंगा पड़ रहा है इसका स्थाई समाधान निकालने की मांग जलसंसाधन विभाग से की। यह मामला शुक्रवार को विधान सभा में गूंजा । सीपीआई विधायक राम रतन सिंह ने विधान सभा कार्रवाई के दौरान मंत्री, जल संसाधन विभाग से पूछा कि नहर उराही नहीं होने से 5 हजार एकड़ जमीन में साल के 4 से 5 महीना जल जमाव रहने के कारण किसानों के द्वारा खरीफ फसल नुकसान हो जाता है । और रवी फसल भी बेहतर नहीं हो पता है इसलिए स्थाई निदान होनी चाहिए। विधायक द्वारा विधानसभा के अंदर किसानों की जल निकासी की समस्या उठाए जाने को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं क्षेत्र लोगों में विधायक रामरतन सिंह के प्रति विश्वास और सशक्त हो गया है। इसके लिए लोगों ने उन्हें साधुवाद दिया है।


