माघी पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी।
तेघड़ा /बेगूसराय माघी पूर्णिमा के मौके पर बुधवार को सिमरिया, तेघड़ा अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट , मघुरापुर सूर्य नारायण बोल्डर घाट और बछवाड़ा स्थित झमटिया गंगा घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं के हर हर गंगे के जयकारे से गंगा तट गूंजता रहा। भारी भीड़ के कारण सिमरिया स्थित एनएच-31 बछवाड़ा एनएच 28 पर जाम की समस्या से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।उत्तर वाहिनी सिमरिया गंगा नदी तट पर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर स्नान किया। वहीं भारी भीड़ के बीच अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया इस दौरान भक्तों ने अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ दान पुण्य कर आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति की। इसके बाद विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की और गंगा जल घर लेते गए। सिमरिया काली धाम आश्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं ने माता काली व जगदंबा की पूजा की। स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से सभी तरह के पाप धुल जाते हें। जन्म-जन्मांतर के सभी कार्य सिद्ध होते हें। उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर आकर गंगा में स्नान करते हें। इस दिन भगवान विष्णु की खास पूजा होती है। भोजन, वस्त्र, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न आदि का दान करना पुण्यदायक माना जाता है। महाराज जी ने कहा कि माघ मास में काले तिल से हवन, पितरों का तर्पण करने और तिल के दान का भी विधान है। समिरिया आईं भगतिनी फूल कुमारी, पवन देवी, सरिता देवी आदि ने बताया कि हर वर्ष माघी पूर्णिमा के दिन गंगा मैया के पास पहुंच सतवन कर उनसे शक्ति प्राप्त कर देव स्थान व पूजा स्थान से लोगों का कल्याण किया जाता है। इस गंगा नदी में गोताखोर तैनात किए गए थे। इधर भीड़ के कारण सुबह से दोपहर तक एनएच-31 सड़क पर जाम लगता रहा। समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी व पटना की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


