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Sach Aaj Tak तेघड़ा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने फाइलेरिया रोधी दवा खाकर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का किया उद्घाटन 10 से 25 फरवरी तक एमडीए 2025 कार्यक्रम चलेगा।

 तेघड़ा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने फाइलेरिया रोधी दवा खाकर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का किया उद्घाटन 10 से 25 फरवरी तक एमडीए 2025 कार्यक्रम चलेगा।


सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 

तेघड़ा/ बेगूसराय 

तेघड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में 10 फरवरी सोमवार को  फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमडीए 2024 का उद्घाटन फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर किया गया। इसकी शुरुआत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामकृष्ण ने खुद दवा खाकर किया। इस मौके पर हेल्थ मैनेजर सुबीर कुमार पंकज एवं WHO  मॉनिटर राहुल कुमार द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामकृष्ण को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाया गया। इस मौके पर अस्पातल के सभी चिकित्सक सह कर्मी ने फाइलेरिया रोधी दवा खाया। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामकृष्ण ने कहा की फाइलेरिया उन्मूलन अभियान पूरे बिहार में 10 से 25 फरवरी तक चलाया जा रहा है। आज 10 फरवरी को बूथ पर इसकी  शुरुआत की गई है। वहीं 11 फरवरी से डोर टू डोर 149 टीम द्वारा  घर-घर जाकर खिलाया जायेगा। इस अभियान में एएनएम,  आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, आशा कर्मी को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया चूंकि मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए बेहतर है कि मच्छरों से बचाव किया जाए। इसके लिए घर के आस-पास और अंदर साफ- सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में जीरो से 1 वर्ष के बच्चे, गर्भवती माता एवं अत्यंत गंभीर बीमार लोगों को छोड़कर सभी लोगों को यह दवा खाना अति आवश्यक है। ताकि आने वाला पीढ़ी फाइलेरिया से ग्रसित नहीं हो। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम फाइलेरिया (हाथी पांव) रोग की रोकथाम के लिए चलाई जा रही है। अगर 5 साल तक लगातार इस दवाई का सेवन करते हें । तो फाइलेरिया उन्मूलन हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह दवाई खाली पेट में नहीं खाना है। साथ ही एल्बेंडाजोल का टैबलेट चबाकर खाना है। उन्होंने कहा की दवाई खाने के बाद थोड़ा सर दर्द, उल्टी, बुखार जैसा प्रतिकूल प्रभाव अगर दिखाई दे तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इससे यह समझा जाता है कि उस व्यक्ति में फाइलेरिया का संक्रमण था। और दवाई द्वारा संक्रमण को रोक दिया गया है। इस क्रम में सबों को जानकारी देना है कि एक बार हाथी पांव हो गया तो इसका इलाज हो पाना असंभव है। इस अवसर पर डॉ संजय चौधरी, बीसीएम शारदा कुमारी, मोहम्मद शहंशाह,WHO मॉनिटर अमित कुमार, काउंसलर रजनीश कुमार, राजू कुमार, बाल्मीकि कुमार, अमित कुमार, राजकुमार भारती, जीएनएम रति रानी, स्वास्थ्य कर्मी मोनी कुमारी, संगीता कुमारी,सोनी कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।

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