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Sach Aaj Tak पुण्यर्णतिथि पर याद किए गए बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह बोलता बिहार त्त पुण्यतिथि पर याद किए गए बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह

पुण्यतिथि पर याद किए गए बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह

सच आज तक अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
 तेघड़ा/बेगूसराय 

बिहार के पूर्व प्रथम मुख्यमंत्री डॉ.श्रीकृष्ण सिंह की पुण्यतिथि प्रखंड कांग्रेस भवन कार्यालय तेघड़ा में शुक्रवार  को मनाई गई। अध्यक्षता पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि बिहार केसरी डॉ.श्रीकृष्ण सिंह एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे। साथ ही बिहार राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उनके सहयोगी के रूप में अनुग्रह नारायण सिंह उनके मंत्रिमंडल में हमेशा साथ रहे। उनके कार्यकाल में बिहार में उद्योग, कृषि, शिक्षा,सिचाई,स्वास्थ,कला व सामाजिक क्षेत्र में की गई उल्लेखनीय कार्य हुआ। उनमें आजाद भारत की पहली रिफाइनरी बरौनी ऑयल,सिदरी व बरौनी में रासायनिक खाद कारखाना ,एशिया का सबसे बड़ा इंजीनियरिग कारखाना, भारी उद्योग निगम हटिया,स्टील प्लांट बोकारो,बरौनी डेयरी आदि की स्थापना की गई। आजादी के बाद गंगोत्री से गंगासागर के बीच प्रथम रेल-सह-सड़क पुल राजेंद्र पुल, कोसी प्रोजेक्ट, भुसावर का एग्रीकल्चर कॉलेज, बिहार भागलपुर विश्वविद्यालय आदि स्थापित किए गए। उनके कार्यकाल में संसद के द्वारा नियुक्त फोर्ड फाउंडेशन के अर्थशास्त्री श्री पल्लवी ने अपनी रिपोर्ट में बिहार को देश का सबसे बेहतर शासित राज्य माना था। और बिहार को देश की दूसरी सबसे बेहतर अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन आज की स्थिति देखने व समझने लायक है। इसके अलावा उनके जीवनी पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला सेवा दल के कार्यकारी संगठक सरोज पासवान ने कहा कि
 बिहार केसरी श्री बाबू को आधुनिक बिहार के निर्माता के रूप में जाना जाता है। अधिकांश लोग उन्हें सम्मान से बिहार केसरी और श्री बाबू के नाम से संबोधित करते हें। श्री बाबू जनजन के नेता थे। नगर अध्यक्ष रणधीर मिश्रा ने कहा कि आधुनिक बिहार के निर्माता और सामाजिक समरसता के अभूतपूर्व योगदान अगर देखा जाए तो उन्होंने देवघर मंदिर में अनुसूचित वर्ग का प्रवेश, जमींदारी उन्मूलन, नमक सत्याग्रह जैसे कई उदाहरण दिया जा सकता है। राजेश कुमार श्रवन  ने श्रीबाबू को भारत रत्न देने की मांग फिर से दुहरायी। रामबाबू साह ने कहा कि श्री बाबू संघर्ष शील, जुझारू और दूरदर्शी राज नेता थे। श्री बाबू सामाजिक न्याय एवं साम्प्रदायिक सद्भाव के भी प्रणेता समझे जाते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के संतुलित विकास  पर ध्यान देते हुए बिहार और देश को बहुत कुछ दिया 
। इस अवसर पर रोशन कुमार, जीवेश सिंह ,राजेंद्र सिंह ,पप्पू यादव, श्रीराम सिंह ,रामाधार सिंह ,पंकज सिंह, कुमोद कुमार ,उदय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

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