कोहरा और ठंड ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, सर्द हवा से लोग बेहाल ।
कोहरा और ठंड ने लोगों की समस्या बढ़ा दी है। मंगलवार को करीब 10:00 बजे तक घने कोहरे से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इसके अलावे पूरे दिन शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद करके रखा। बहुत जरूरी होने पर लोग घर से बाहर निकले। गलन ऐसा कि पल भर में हाथ पांव सुन्न हो जा रही है। ऐसे में स्कूली बच्चे कांपते हुए स्कूल में पहुंचे। क्लास रूम को बंद रखने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिल पा रही थी। दोपहर में भी ठंढ़ से कोई राहत नहीं मिली। तीव्र ठंढ़ी हवाओं का असर लोगों की सेहत पर साफ देखा जा रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अनमंडलीय अस्पताल तेघड़ा में रोजाना 100 से अधिक रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हें। डॉक्टर ने ठंड से बचने के लिए खासकर बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रहने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
अपराह्न तीन बजे तक बच्चे घर पर कांपते हुए पहुंचे। इससे छात्रों को स्कूल जाने की मजबूरी दिखी। हालांकि सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या अन्य दिनों से कम रही। वैसे तो सुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे लगा कि दिन में धूप होगी। लेकिन हवा में अधिक नमी होने से लोग ठंड से परेशान रहे। दिन में धूप नहीं हुई। शाम होते ही गलन बढ़ गयी। बादल छाए रहने और नम हवाओं के बढ़ने से ठंड बेरहम बनी रही। लोगों को अलाव का सहारा रहा। कार्यालयों में हीटर तो घरों में अलाव के सहारे गरीब दिखे। वहीं नगर और अनुमंडलीय बाजार में ठेला टेंपो चालक और राहगीरों का नजर अलाव को ढूंढने में था।









