नीलगाय के आतंक से किसान परेशान
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
प्रखंड क्षेत्र में इन दोनों नीलगाय के आतंक से किसान परेशान हो गए हें। फसलों के दुश्मन नीलगायों ने अब कई इलाकों में फसलों को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहा है। इसका आतंक इतना बढ़ गया है कि कई भागों में तो किसानों का कमर तोड़ कर रख दिया है। फसल चरने के अलावा उसे रौंदकर तहस-नहस कर दे रहा है। झुंड के झुंड खेतों में विचरण कर रहे इन जानवरों से किसानों के सामने बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आ रहे हें। फसलों की बर्बादी देख किसान बेचैन हो उठे हें। भगवानपुर एवं तेघड़ा प्रखंड के दर्जनों गांव के बहियार इलाके मुसहरी, रसलपुर,तेयाय, पाली, बसही, गौरा , पासोपुर ,कटरीया, धनकौल बनहारा , खिजीर चक, चिल्हाय, रामपुर किरतौल, पकठौल ,नोनपुर, प्रबंदा के किसान नीलगायों के आतंक से परेशान है। चारों तरफ फैले ये जंगली जानवर किसानों के सैकड़ों एकड़ खेत में लगी गेहूं , मक्का ,सरसों, मटर व अन्य फसलों को चबा चुके हें। गौरा 1 के किसान रंजन चौधरी, चंद्रमणि राय, रामाशीष चौधरी, अजीत कुमार, अरविंद ठाकुर
का कहना है कि इन दिनों झुंड के झुंड खेतों में विचरण कर रहा है। इसका आतंक इतना बढ़ गया है कि गेहूं, सरसों, मटर चना, मसूर आदि फसलों को चरने से ज्यादा उसे रौंदकर बर्बाद कर रहा है। इस वर्ष तो गेहूं का फसल बर्बाद कर किसानों की कमर ही तोड़ दी है। इसे देख किसान अपना माथा पीट रहे हें। यदि यही स्थिति रही तो लोग खेती से विमुख होने लगेंगे। वहीं नोनपुर निवासी निक्सन कुमार कुशवाहा, शंभू पंडित एवं राजेश कुमार के अनुसार जंगली जानवारों के आतंक से खेत की फसलों के अलावा इलाके में लगी फसलों को नुकसान पहुंच रही है। इनकी लगातार बढ़ती संख्या भी चिता का विषय बनी है। नीलगायों ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। सब्जी की खेती करने वाले किसान रात जगा कर इसकी रखवाली कर रहे है। प्रशासनिक स्तर से इसकी नियंत्रण नहीं की गई तो हजारों किसान इस कारण खेती छोड़ कर रोजगार की तलाश में अन्यत्र चले जाने को मजबूर हो रहे हें।


