तेघड़ा गौशाला में फल, चना व लड्डू खिलाकर की गई गोमाता का पूजन-अर्चन
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट।
तेघड़ा, बेगूसराय
: तेघड़ा गौशाला में हर साल की भांति इस बार भी शनिवार को गोपाष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गौमाता को फल, फूल, हरा चारा, गुड़, चना एवं लड्डू खिलाकर विधिवत पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर गौशाला को आकर्षक रूप से सजाया गया तथा पुरोहित कन्हैया कुमार द्वारा गौशाला परिसर में स्थित गोपाल कृष्ण मंदिर में उपस्थित भगवान कृष्ण कन्हैया का मनोहारी श्रृंगार किया गया। गोपाष्टमी पर अहले सुबह से ही महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने गौमाता का पूजन अर्चन कर परिक्रमा की साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने गौशाला आकर गायों की पूजा कर भोजन कराया। अनुमंडल पदाधिकारी सह गौशाला समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व गौ माता की पूजा और सेवा से ही नहीं जुड़ा हुआ है यह भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व को प्रतिपादित करने वाला त्यौहार है । वही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉक्टर रविंद्र मोहन प्रसाद ने कहा कि गाय कलयुग में संजीवनी स्वरूपा है। गौ मानव जीवन में माता की भूमिका का निर्वाह करती है । गाय के गोबर से प्राकृतिक खेती को ही समृद्ध नहीं किया जा सकता बल्कि गौ उत्पादकों का भी प्रभावी विपणन कर हम देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर सकते हें ।ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तेघड़ा की संचालिका बीके आशा बहन ने बताया कि गोपाष्टमी महोत्सव गोवर्धन पर्वत से जुड़ा उत्सव है। गोवर्धन पर्वत को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से लेकर सप्तमी तक गाय व सभी गोप गोपियों की रक्षा के लिए एक अंगुली पर धारण किया था। गोपाष्टमी के मौके पर अपने संबोधन में गौशाला सचिव शिव कुमार केजरीवाल ने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गौशाला में गोपाष्टमी का आयोजन किया गया है। जिसमें गौमाता से श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं के द्वारा गौपूजन किया गया। इस अवसर पर डॉ आरपी दास ने गौशाला के लिए चेक के माध्यम से 5000 रुपया का आर्थिक सहयोग किया। मौके पर थानाध्यक्ष अमलेश कुमार, एकता केजरीवाल, शकुन्तला देवी केजरीवाल, लोकनाथ शर्मा, श्याम शर्मा, भागीरथी सिंह, कृष्ण कुमार माखड़ीया ,कविता केडिया, पूनम अग्रवाल, किशन माखडीया,रश्मि कलोठिया, आदि मौजूद थे।


