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मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान के चरणों में, होता है भाग्योदय : स्वामी चिंदात्मन जी महाराज

 मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान के चरणों में, होता है भाग्योदय : स्वामी चिंदात्मन जी महाराज 


तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट

तेघड़ा/ बेगूसराय

 पर्व-त्योहारों के पावन माह कार्तिक में बिहार के बेगूसराय में स्थित पावन गंगा तट सिमरिया धाम  का चप्पा-चप्पा भक्ति रस में सराबोर है। 

मिथिला और बिहार सहित विभिन्न हिस्से से आकर रह रहे कल्पवासी पूरी तरह से अध्यात्म और भक्ति में लीन हें। इस दौरान शनिवार सूर्य उपासना के अंतिम दिन  सर्वमंगला सिद्धाश्रम में भागवत कथा ज्ञान मंच से कार्तिक महात्म्य एवं सूर्य षष्ठी व्रत के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए। स्वामी चिदात्मन जी ने कहा कि सूर्य षष्ठी व्रत ऋग्वैदिक काल से ही मनाया जाता है । और यह व्रत भगवान श्री राम ने भी किया था और उनकी उपासना भगवान श्री कृष्ण ने भी की है। इस व्रत की उपासना से भक्तों की मनोरथ सिद्ध होती है उनका शरीर कभी भी रोग ग्रस्त नहीं होता इस शक्ति का एक पुंज मां सष्टि कह गए हें।

उन्होंने कहा कि  गंगा सागर में सागर से गंगा मिलती है। प्रयाग में यमुना गंगा से मिलती है और सिमरिया में गंगा और गंगा का संगम है। संगम स्थल सभी तीर्थ का राजा होता है और यहां स्नान करने से मोक्ष मिलता है, दस गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। भारत में सात मोक्षदायिनी नदी है, गंगा, यमुना, कावेरी, सरस्वती, नर्मदा, गोदावरी और सिंधु। जहां पुण्यात्मा जाकर तपस्या करते हें ।वह तपोवन बन जाता है, जिस भूमि पर तपस्या करते हें वह तपोभूमि बन जाती है। सौभाग्यशाली हैं हम की गंगा और गंगा के संगम स्थल सिमरिया के रामघाट पर कथा कह और सुन रहे हैं। चिदात्मन जी ने कहा कि कथा सुनने से भाग्योदय कौन रोक सकता है। प्रकृति का नियम है दिन-रात, सुख-दुख, इसे स्वीकारना चाहिए। वेद के अनुसार ही सभी माह में अलग-अलग पर्व होते हैं। इसमें पूजा और आराधना हमारी संस्कृति है। सच्चा सुख केवल भगवान के ही चरणों में मिलता है, इसलिए हमें भगवान भक्ति में सदैव तल्लीन रहना चाहिए। मौके पर रविन्द्र जी ब्रह्मचारी ने भी कार्तिक माहत्म्य, श्रीमद्भागवत और सनातन धर्म के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया। मौके पर मीडिया प्रभारी नीलमणि , राम झा, लक्ष्मण झा ,श्याम झा, सदानंद झा ,पप्पू त्यागी ,अरुणा देवी, शकुंतला देवी ,नीलम देवी ,आचार्य नारायण झा, पंडित राजेश झा, पंडित दिनेश झा ,पंडित रमेश झा, पंडित शिबू झा सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने पदम श्री स्वर कोकिला बेगूसराय की बहू स्मृति शेष शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन व्रत धारण कर श्रद्धा के फूल  अर्पित किया   ।

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