पत्रकार चंदन शर्मा ने दुनिया को कहा अलविदा, मीडिया जगत में शोक की लहर ।
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
:कौन कब इस दुनिया को अलविदा कह दे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। दैनिक अखबार राष्ट्र संवाद के जिला ब्यूरो चीफ सह वरिष्ठ पत्रकार चंदन शर्मा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। अब वे हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने गुरुवार की अहले सुबह बेगूसराय के सदर अस्पताल में आखिरी सांस ली। वे काफी समय से वे शुगर सहित कई बीमारी से जूझ रहे थे। बेगूसराय सदर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कई दिन तक उन्होंने अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष किया लेकिन अंत में जिंदगी की जंग हार गए। जैसे ही उनके निधन की खबर मिली भगवानपुर प्रखंड सहित पूरे जिले के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर को भगवानपुर अवस्थित आवास पर लाया गया जहां अंतिम दर्शन को लेकर सामाजिक, राजनीति एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों की भीड़ उमर परी। चेरिया बरियारपुर के विधायक राजवंशी महतो, पत्रकार अशोक कुमार ठाकुर, विजय भारती, अभिषेक भारती, संतोष चौरसिया,मृत्युंजय कुमार सहित सैकड़ो लोगों ने नाम आंखों से उनका अंतिम दर्शन किया। उनका अंतिम अंत्येष्टि शुक्रवार को गंगा घाट पर किया जाएगा। वे अपने पीछे दो पुत्री एवं पत्नी को छोड़ गए। बड़ी पुत्री अंशिका क्लास 10 की छात्रा है। छोटी पुत्री इशू वर्ग 2 की छात्रा है। 45 वर्षीय पत्रकार चंदन शर्मा के असयिक निधन से जहां एक तरफ उनके परिवार पर आफत का पहाड़ टूटा है वही सामाजिक और पत्रकारिता जगत को बहुत बड़ी क्षति हुई है। पत्रकार चंदन के सहारे ही उनके परिवार का भरण पोषण होते आ रहा था। पत्रकार चंदन के निधन से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे कई दशक से पत्रकारिता करते आ रहे थे।प्रभात खबर, आइडिया सिटी सहित कई महत्वपूर्ण दैनिक अखबार में वे पत्रकार ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य करते हुए एक अलग पहचान बनाया था।
चंदन शर्मा का पहचान एक बेबाक पत्रकार के रूप में होती थी। पत्रकारिता जगत में जहां वे बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। पत्रकार चंदन शर्मा के चले जाने से सामाजिक एवं मीडिया जगत में शोक की लहर है। उनका इस तरह से चले जाना पूरे मीडिया जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
उनका इस तरह से चले जाना पूरे पत्रकारिता जगत, उनके सभी पत्रकार बंधुओं जो उनके साथ निजी तौर पर जुड़ें हुए थे। सभी लोगों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे रसलपुर पंचायत के सरपंच भी रह चुके थे साथ ही रामविलास लोजपा के कद्दावर नेता थे भले ही हमारे साथ नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें हमेशा सबके दिल में जिंदा रहेगी।


