डेंगू का प्रकोप बढ़ा तो अलर्ट मोड में आया नगर प्रशासन।
आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय
तेघड़ा के नगरीय क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव बढ़ने लगा है। तेघड़ा अनुमंडलीय अस्पताल सहित कई निजी नर्सिंग होम में दर्जनों लोगों का इलाज जारी है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों में अधिकांश पीड़ित मरीजों का इलाज कराने के कारण स्वास्थ्य महकमा के पास डेंगू के मरीजों की संख्या नहीं पता है। तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 निवासी अमन कुमार, दनियालपुर वार्ड संख्या 17 से रेशमा परवीन, वार्ड संख्या 5 से मनोज कुमार पिता वकील चौधरी, वार्ड संख्या 20 से सुधीर कुमार, वार्ड संख्या 10 से अंजना साह, वार्ड संख्या 6 दनियालपुर से चंदन कुमारी, वहीं ग्रामीण क्षेत्र बरौनी एक केला बाड़ी से नीरो चौरसिया । का इलाज तेघड़ा अनुमंडल अस्पताल के डेंगू वार्ड में चल रहा है। इन सभी मरीजों का जांच जांच हेतु सैंपल लिया गया है। वहीं रात गांव पंचायत निवासी तेघड़ा विकास संघर्ष समिति के संयोजक सह अधिवक्ता शशि भूषण भारद्वाज सहित ऐसे दर्जनों लोग निजी नर्सिंग होम में इलाज करवा रहे हें । डेंगू मामले में सस्पेक्ट मरीजों का मामला बढ़ने से जल जमाव के मामले के लिए प्रसिद्ध नगर परिषद भी तैयारी में जुट गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर रामकृष्ण ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए पहले से ही जागरूकता अभियान चलाया गया। अनुमंडलीय अस्पताल अस्पताल में ऑक्सीजन और मच्छरदानी युक्त स्पेशल वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही डेंगू जांच के लिए किट और दवा उपलब्ध है ।सदर अस्पताल में एलाइजर मशीन से डेंगू की जांच की जा रही है। 2 सैंपल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि डेंगगू पीड़ित मरीजों का सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच से लेकर इलाज तक की व्यवस्था है। प्राइवेट अस्पतालों में जांच काफी महंगा है और सटीक रिपोर्ट नहीं आती है। डेंगू से पीड़ित गंभीर मरीजों को बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर किया जाएगा । जहां जरुरत के अनुसार मरीज को प्लेटलेस चढ़ाया जाता है। वार्डो में डेंगू का मामला सामने आने पर नगर परिषद भी एक्टिव हो गया है। मरीजों की सूचना मिलने पर उक्त मोहल्ले में अब मशीन से फॉगिंग कराकर ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ ही नली और गली की सफाई में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी सुभाष रंजन झा ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा में जांच किट की कमी नहीं है। 150 सस्पेक्टेड रोगियों का जांच किया गया है। वर्तमान समय में 50 किट मौजूद है। आवश्यकता पड़ने पर और किट उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि बारी-बारी में सभी वार्डों में छिड़काव हो । जहां जल जमाव वाला क्षेत्र है उसे पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिये।लोगो से घर और घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। साथ ही पूरा शरीर ढका हुआ वस्त्र पहनने और मच्छरदानी का उपयोग करने की अपील की है। तेज बुखर और जोड़ों में दर्द रहने पर लोगों को डेंगू की जांच करानी चाहिए। डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है और ये काफी कम ऊंचाई पर उड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि। वर्तमान समय में इस प्रकोप को देखते हुए नगर के सभी वाडों और मामला मिलने वाले पंचायत क्षेत्र में भी छिड़काव करवाने की आवश्यकता है


