*श्री केवल राम धाम ज्योतिष संस्थान के द्वारा इंदौर मध्य प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय ज्योतिष वास्तु कर्मकांड महासम्मेलन सम्पन्न।*
ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री ज्योतिष गौरव रत्न सम्मान से हुए सम्मानित
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय
इंदौर मध्य प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय ज्योतिष वास्तविक कर्मकांड महासम्मेलन में
बेगूसराय जिले के माध्यमिक शिक्षक सह ज्योतिष के विद्वान अविनाश शास्त्री ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री को ज्योतिष गौरव रत्न से सम्मानित किया गया।
ज्योतिष के विभिन्न क्षेत्रों में रुचि रखने वाले पूरे देश से 270 विद्वान में इस सम्मेलन में हिस्सा लिया एवं अपने-अपने विचार व्यक्त किया सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री के कैलाश विजयवर्गीय एवं पूर्व राज्य मंत्री श्री जितेंद्र महंत उपस्थित रहे
दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र में राष्ट्रीय संत श्री कलिकानंद जी महाराज महामंडलेश्वर पंडित राम शंकर तिवारी महामंडलेश्वर श्री योगी प्रेमानंद जी महाराज एवं मुख्य आयोजक श्री प्रकाश गौड़ जी की उपस्थिति में जिले के विद्वान शिक्षक सह ज्योतिषाचार्य अविनाश शास्त्री ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा के ज्योतिष जन कल्याणकारी विद्या के साथ-साथ अध्ययन एवं शोध का विषय है संपूर्ण विश्व के गणित की परिकल्पना ज्योतिष शास्त्र में निहित है। श्री शास्त्री ने रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए सबसे बड़े पूर्ण अंक 9 के संदर्भ में व्याख्या किया एवं पुरुष सूक्त के ऋचाओं का व्याख्यान करते हुए कहा कि वेदों में चंद्रमा मन एवं नेत्र सूर्य से निर्देशित होता है साथ ही 12 राशियों के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों की परिकल्पना हमारे धर्म शास्त्रों में की गई है यह सभी बातें इस बात को परिलक्षित करती है कि ज्योतिष हमारे धर्मशास्त्र कर्मकांड के साथ-साथ हमारे पर्यटन का भी एक हिस्सा है हमें ज्योतिष को अपने भाग्य फल एवं भविष्यफल की जानकारी से नहीं बल्कि पृथ्वी पर अलग-अलग देश स्थान के देशांतर बेलंतर सूर्योदय सूर्यास्त की गणना को भी जानने की जरूरत है श्री शास्त्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में तथा कथित ज्योतिष आचार्य सॉफ्टवेयर के सहारे कुंडलियों का निर्माण कर रहे हैं जिससे गणित की पद्धति का लोप हो रहा है


