कलश स्थापन के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरू, भक्तों में उल्लास का माहौल
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
गुरुवार को कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो गई तेघड़ा नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों, घरों और पूजा पंडालों में कलश स्थापित कर माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की गई।क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र को लेकर भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिरों में सुबह शाम मां की आरती हो रही है। पूजा को लेकर भक्तों में उल्लास का माहौल है। पहले दिन प्रथम स्वरूप शैल पुत्री की पूजा अर्चना की गई। सुबह से ही लोग उठकर गंगा स्नान के साथ पूजा की तैयारी में लगे रहे। वहीं क्षेत्र के प्रसिद्ध बरौनी घटकिंन्डी दुर्गा स्थान में स्थापित मां दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा होगी। जहां मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुलारपुर दुर्गा मंदिर, बाजितपुर पीढौली दुर्गा मंदिर, दनियालपुर टोला गौर 2 दुर्गा मंदिर, मघुरापुर दुर्गा मंदिर, बरौनी डेयुढ़ी दुर्गा मंदिर, बरियारपुर दुर्गा मंदिर, गौरा दुर्गा मंदिर, आलापुर मुसहरी दुर्गा मंदिर, किरतौल दुर्गा मंदिर, पकठौल, दुर्गा मंदिर,अंबा, चिल्हाय दुर्गा मंदिर,नोनपुर दुर्गा मंदिर के अलावे नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित देवी मां के सभी मंदिरों में चहल-पहल रही । पंडित सुधीर पाठक ने बताया कि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में शक्ति उपासना का महापर्व कलश स्थापना के साथ शुरू हुई है। प्रथम दिन हस्त नक्षत्र ऐन्द्र योग और जायद योग में पूजन की गई है। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा का आगमन इस बार डोली व पालकी पर और विदाई चरणायुघ अर्थात मुर्गे पर होगा। इसके कारण मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। 4 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी, 5 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा, 6 अक्टूबर को मां कुष्मांडा, 7 अक्टूबर को मां स्कंदमाता, 8 अक्टूबर को मां कात्यायनी, 9 अक्टूबर को मां कालरात्रि, 10 अक्टूबर को महागौरी, 11 अक्टूबर को महानवमी शरद नवरात्र व्रत पारण और 12 अक्टूबर को मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन व दशहरा मनाया जाएगा।



