बिहार में सबसे मजबूत संगठन है मारवाड़ी सम्मेलन: युगल किशोर अग्रवाल
बिहार प्रदेशिक मारवाड़ी सम्मेलन शाखा तेघड़ा के निर्विरोध अध्यक्ष बने सुरेश प्रसाद रोशन व सचिव सुशील केजरीवाल
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
बिहार प्रदेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वाधान में शनिवार को तेघड़ा शाखा का एक दिवसीय सम्मेलन तेघड़ा के मां भगवती कंपलेक्स के परिसर में विधिवत संपन्न हुआ। उक्त अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष युगल किशोर अग्रवाल शामिल हुए। सत्र (2024 -26) के लिए कमेटी का गठन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से सुरेश प्रसाद रोशन को अध्यक्ष एवं सुशील केजरीवाल सचिव, सुरेश सुल्तानिया उपाध्यक्ष एवं भूषण अग्रवाल कोषाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए । सम्मेलन के मौके पर मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष युगल किशोर अग्रवाल ने निर्वाचित अध्यक्ष सुरेश प्रसाद रोशन द्वारा निरंतर किये जा रहे सामाजिक एवं जन कल्याण के कार्यक्रमों की भूरि भूरि प्रशंसा की एवं उन्होंने कहा कि सम्मेलन द्वारा किए जाने वाले सभी जन कल्याण के कार्यक्रम अत्यंत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में मारवाड़ी सम्मेलन की करीब 16 राज्यों में संगठन है। लेकिन बिहार में सबसे ज्यादा मजबूत संगठन है। पूरे बिहार में 160 शाखाओं में 8000 आजीवन सदस्य हें। सदस्यों की संगठनों को बढ़ाने की जरूरत है। मारवाड़ी सम्मेलन की स्थापना जन सेवा और परोपकार को लेकर हुई थी। बाढ़ और आपदा के समय में सम्मेलन ने लोगों की काफी सेवा की। 2020-21 के करोना कल में भी सम्मेलन की ओर से सेवा की गई। उन्होंने शाखा सदस्यों से संगठन को और मजबूत करने का आग्रह किया।निर्वाचित अध्यक्ष सह तेघड़ा गौशाला समिति के उपाध्यक्ष सुरेश प्रसाद रोशन ने प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य आगत अतिथियों को अंग वस्त्र एवं बुके देखकर सम्मानित करते हुए कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन का उद्देश्य है कि समाज की समृद्धि एवं गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए कि भविष्य में जरूरतमंद लोगों को भरपूर सहयोग किया जा सके और उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ने में इस संगठन की बहुत बड़ी भूमिका होगी। शाखा सचिव सुशील केजरीवाल ने विगत वर्ष के शाखा गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि मारवाड़ी समाज के लोग अपनी मारवाड़ी भाषा को बोलते जा रहे हें। जो बहुत दुखद है हम हिंदी और मैथिली , और क्षेत्रीय भाषा में बात करें लेकिन अपनी भाषा को नहीं भूलना चाहिए। अपने परिवार में हमें मारवाड़ी भाषा का व्यवहार करना चाहिए। मौके पर महेश सुल्तानिया, विजय सुल्तानिया, रामू कालोठिया, दिलीप राजगढ़िया, अनिल भरतिया, पंकज सिंघानिया, कुमोद केजरीवाल, सुनील सुल्तानिया, राकेश अग्रवाल के अलावे भारी संख्या में लोग शामिल हुए।


