बिहार के सियासी बदलाव का विकल्प बनेगा जनसुराज ; शिवचंद्र महतो
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय
बिहार की राजनीति पिछले 30 वर्षों से जिन कुछ चेहरों के इर्द-गिर्द घूम रही है उन सबको अब बड़ी चुनौती देने को जनसुराज तैयार है। भाजपा, जदयू, कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों को चुनावी जीत का पाठ पढ़ाने का अनुभव रखने वाले प्रशांत किशोर अब अपनी राजनीतिक यात्रा को बुलंदी तक पहुंचाने में अहम भूमिका में हें।रहे हें। डंके की चोट पर जनसुराज के संस्थापक सदस्य सह जिला पार्षद शिवचंद्र महतो का कहना है।कि बिहार में राजनीतिक दल तो कई हें ।लेकिन बिहार सियासी विकल्प का अभाव झेल रहा है। नतीजा है कि पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से बिहार के लोगों के सामने लालू यादव, नीतीश कुमार, भाजपा, कांग्रेस, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे चेहरे ही नजर आते हें। लेकिन अब जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर बिहार में व्यवस्था परिवर्तन को लेकर के जनता के सामने जनसुराज के रूप में विकल्प खड़ा किया है। लोगों ने विकल्प की कमी के कारण दो मुख्य गठबंधनों में से किसी एक को वोट दिया है। जिन्होंने 30 साल से अधिक समय तक राज्य को सबसे गरीब और पिछड़ा बनाए रखा है। लोग जाति, धर्म और मंदिर-मस्जिद के मुद्दे से ऊपर उठकर अपने बच्चों की भविष्य के लिए शिक्षा और रोजगार के लिए अब इन नया विकल्प के रूप में स्थापित जन सुराज को वोट करेंगे। यह विकल्प बदलाव का वह साधन होगा जो बिहार को बेहतर शिक्षा ,स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध कराएंगे आज राज्य का कोई ऐसा घर नहीं है जिसके जवान बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर नहीं रह रहे हें। उन्होंने बिहार के सभी राजनीतिक पार्टी को बिहार के पिछड़े पन का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि बिहार को विकल्पहीनता और कुव्यवस्थासे मुक्ति देने का काम जनसुराज करेगी


