दुलारपुर शिव दुर्गा मंदिर के प्रांगण में शारदीय नवरात्र के अवसर पर शुरू हुई रामकथा, पहले दिन राम कथा के महत्व पर चर्चा
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत नया नगर दुलारपुर शिव दुर्गा मंदिर के परागण में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित संगीतमयी श्री रामकथा के पहले दिन बृहस्पतिवार की रात में कथा वाचिका नेहा श्री ने राम कथा का महत्व बताया। राम कथा सुनने से दूर हो जाती है जीवन की व्यथा उन्होंने कहा कि प्रभु नाम के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि राम कथा के श्रवण मात्र से जीवन से जुड़े संकट स्वत: ही दूर हो जाते हें। उन्होंने कहा कि भगवान राम के चरित्र से यह सीखा जा सकता है कि जीवन की कठिनाइयों का कैसे सामना करना है। सलाह दी कि यदि भक्त राम कथा सुने उनके कष्ट खुद ही दूर हो जाते हें। कथा वाचिका ने कहा कि जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हें। उन्होंने कहा कि रामकथा से हर जीव की व्यथा दूर हो जाती है। संसार के सभी जीवों का मंगल रामकथा के श्रवणपान से ही हो जाएगा। कथा वाचिका ने आगे कहा कि भगवान भक्ति के अधीन होते हें। श्रद्धापूर्वक की गई भक्ति के आगे वह विवश रहते हें। भगवान का सच्चा भक्त उन्हें जिस रूप में याद करता है, वह उसी रूप में दर्शन देते है। प्रथम दिन के कथा की समाप्ति पर श्रद्धालुओं को फल और प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर शिव दुर्गा मंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि श्री राम कथा को लेकर पूरे दुलारपुर गांव में भक्तिरस में विभोर हो गया है। उन्होंने बताया कि यह आध्यात्मिक श्री राम कथा कार्यक्रम 3 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक संध्या 6:00 बजे से रात्रि के 10:00 तक होगा। मौके पर समिति के सचिव राम शंकर सिंह, मुख पुजारी अशोक कुमार सिंह, पुजारी सुनील कुमार समिति के सदस्य संजय चौधरी हरवंश कुमार सिंह निगम सिंह भावेश कुमार, सुधीर चौधरी एवं जयकांत चौधरी के अलावे भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए


