तेघड़ा बिनलपुर के बाढ़ पीड़ितों ने प्रखंड मुख्यालय पर किया हंगामा। एसडीओ के द्वारा की गई त्वरित पहल
तेघड़ा में गंगा नदी कहर बरपा रही है। इसकी चपेट में कई गांव आ चुके हें। निपनियां मघुरापुर से लेकर रात गांव तक हजारों लोग सुरक्षित ठिकानों खास करके गुप्ता बाघ और बगीचा में जैसे-तैसे अपने बाल बच्चों एवं मवेशियों के साथ रहने को मजबूर हें। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से न सिर्फ एक गांव का दूसरे गांव से संपर्क टूट चुका है। बल्कि पूरा इलाका टापू में तब्दील हो गया है। आधारपुर पंचायत बिनलपुर अजगर वर वार्ड संख्या 7 के सैकड़ो बाढ़ पीड़ित महिलाएं व पुरुषों ने बाढ़ राहत सामग्री नहीं मिलने पर शनिवार को प्रखंड मुख्यालय में सीओ के खिलाफ जमकर हंगामा किया । बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रामजतन सहनी , बटोरन महतो, सीता देवी ,चिंता देवी, अहिल्या देवी सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि गंगा में आई बाढ़ से लोग गिरे हुए सभी के घर में तीन से चार फीट पानी घुसा हुआ है । भोजन, आवास सहित कई समस्याएं उत्पन्न हो गई है वार्ड संख्या 7 में सामुदायिक किचन शुरू करने की जरूरत है। ढाई सौ पॉलिथीन के साथ सभी लोगों की रहने की व्यवस्था एवं स्वच्छ पेयजल, तथा अस्थाई शौचालय की व्यवस्था, चिकित्सा की व्यवस्था , मवेशी के लिए चारा आदि की व्यवस्था की जरूरत है । लेकिन अब तक सरकारी स्तर से कोई राहत नहीं मिला है अंचलाधिकारी के नहीं रहने पर अंचल निरीक्षक चंद्र देव चौधरी, किसान नेता दिनेश सिंह,ने समझा बूझकर लोगों को शांत कराया और अविलंब पॉलिथीन देने और किचन शुरू करने का आश्वासन दिया । वहीं सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार एवं वीडियो राकेश कुमार ने क्षेत्र का जायजा लेते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय चकउघो के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ठाकुर से मिलकर विद्यालय में सभी बाढ़ पीड़ितों को अपने सामने चूड़ा दही की व्यवस्था करवा कर सभी को भोजन कराया गया और वही रात से सामुदायिक किचन चलाने की व्यवस्था की। साथ ही सभी तरह की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया प्राप्त जानकारी के अनुसार रात गांव भगवानपुर चक्की वार्ड संख्या 13 एवं 14 के सभी बाढ़ ग्रसित लोगों को रेनबो स्कूल विसौवा के सामुदायिक किचन पर समय के साथ भोजन करवाया गया। जिसका निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी व प्रखंड विकास पदाधिकारी ने किया और व्यवस्था सुधार के लिए कई आवश्यक निर्देश भी दिए



