बेगूसराय जिलान्तर्गत सदर प्रखण्ड के पावर हाउस रोड के सामुदायिक भवन के प्रांगण में राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन तत्वावधान में बेगूसराय जिला कार्यकारिणी के सदस्यों की एक बैठक आयोजित किया गया।
जिसकी अध्यक्षता संगठन के बेगूसराय जिलाध्यक्ष अधिवक्ता सह वरिष्ठ पत्रकार अभिमन्यु सिंह ने किया तथा संबोधित करते हुए कहा कि बेगूसराय जिला में आदि मानवाधिकार हनन करने वाले का संगठन चल रहा है। लेकिन दुर्भाग्यवश मानवाधिकार हेतू समाज के ईमानदार, कर्मठ, शरीफ आदि वेचारा और बेसहारा बनकर जीवन गुजार रहा है इसलिए मानवाधिकार संगठन के माध्यम से समाज के सभी सकारात्मक विचार के व्यक्तियों को मान सम्मान की रक्षा हेतू महाभारत के अभिमन्यु की तरह मुझ जैसे अभिमन्यु को फिर से वध होना पडे तो होंगे लेकिन रक्षा करते रहेंगे। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष बालेश्वर महतों ने किया। मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश संरक्षक डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि आजतक अपराधियों और आतंकवादियों के लिए रात के बारह बजे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुलता था लेकिन अब गरीब और ससहाय के लिए भी रात के बारह बजे जब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुलेगा, तभी असली मानवाधिकार संगठन चरितार्थ होगा। मुख्य वक्ताद्वय समस्तीपुर जिलान्तर्गत दलसिंहसराय निवासी सह संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डा० कैलाश महतों ने कहा कि सम्पूर्ण बिहार में मानव के अधिकार की रक्षा करना ही मेरा एक मात्र लक्ष्य है। अवकाश प्राप्त पुलिस आरक्षी निरीक्षक सह संगठन के मुंगेर प्रमंडल अध्यक्ष राधेश्याम रजक ने कहा कि सरकारी सेवानिवृत्ति के बाद मानव के अधिकार की रक्षा हेतू अगर मैं शहीद भी हो जाता हूं तो मुझे गर्व महसूस होगा। अति विशिष्ट अतिथि संगठन के प्रदेश कार्पकारी अध्यक्ष डा० अरूण कुमार पासवान ने कहा कि मानवाधिकार के माध्यम से भयमुक्त और अपराधमुक्त बिहार बनाने का प्रयास करूंगा। विशिष्ट अतिथिगण जिला उपाध्यक्ष रामविलास महतों, बेगूसराय नगर अध्यक्ष सह नगर निगम सदस्य प्रतिनिधि राजकुमार, बीहट नगर परिषद अध्यक्ष विपीन राय, राजेन्द्र पासवान आदि नेताओ ने अपने विचार व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष अभिमन्यू सिंह सहित प्रदेश के पदाधिकारियों को फूलों की माला पहनाकर तथा चादर ओढ़ाकर कर गर्मजोशी और करतल ध्वनियों के साथ किया तथा जिलाध्यक्ष को तन मन और धन तीनों से मदद का वादा किया।








