तेघड़ा एसडीओ ने कहा आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बिहार सरकार पूरे प्रदेश में ननिहालों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही मानसिक विकास के अलावे स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता लाने एवं कुपोषण मिटाने की जिम्मेवारी बाल विकास परियोजना को दी है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र का सुचारू रूप से व्यवस्थित ढ़ंग से संचालन को लेकर प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक सेविका और एक सहायिका को निर्देशानुसार नियुक्त भी किया गया है। इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा राकेश कुमार ने तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत संचालित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीओ राकेश कुमार बरौनी दो पंचायत के वार्ड 07 में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र सह जन्म मृत्यु निबंधन केंद्र पर बच्चों की शिक्षा व्यवस्था व पोषक आहार का निरीक्षण करने आंगनबाड़ी केन्द्र कोड संख्या 91 एवं बरौनी दो पंचायत बख्खो टोला वार्ड 05 के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 266 का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों सेविका श्वेता वर्णवाल उपस्थित पायी गयी एवं सहायिका शमशाद बेगम केंद्र पर अनुपस्थित पायी गयी इस दौरान एसडीओ ने उपस्थित पंजिका सहित केन्द्र संचालन के विभिन्न बिन्दुओं की जांच की। उन्होंने केंद्र पर बच्चों की उपस्थिति कम होने पर सेविका को निर्देश देते हुए कहा कि केंद्र का संचालन स्थल साफ और स्वच्छ होनी चाहिए। इसके लिए सरकार विद्यालय में केंद्र संचालन का निर्देश दिया है फिर भी निजी स्थान पर केंद्र संचालन करना नियम के विरुद्ध है। अनुपस्थित सहायिका पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दये।एसडीओ तेघड़ा ने कहा आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों का सर्वागिण विकास करना भी है। जिससे वह प्राथमिक स्कूल में और बेहतर तरीके से शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में अनौपचारिक शिक्षा दी जाती है।



