30 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन जन आंदोलन के रूप में सुनिश्चित करें सेविकाएं : प्रतिमा आचार्य।
तेघड़ा से आरएम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत प्रखंड क्षेत्र में एक से 30 सितम्बर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत 31 अगस्त 2024 को आंगनवाडियों पर ‘’एक पेड़ मां के नाम’’ कार्यकम आयोजित कर की जा चुकी है। पोषण अभियान का व्यापक रूप से प्रभावी बनाकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों और 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण का समग्र रूप में बेहतर बनाने का लक्ष्य है। व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन पोषण अभियान के वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये एक महत्वपूर्ण घटक है। पोषण आधारित विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं को संचालित करने वाले सभी विभागों महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, उघानिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग , आजीविका विभाग, कृषि विभाग तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के समन्वय, से राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन जन आंदोलन के रूप में चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह के आयोजन के लिये सरकार द्वारा 5 थीम प्रस्तावित की गई। जिनमें एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता एवं कुशल सेवा प्रदान करने हेतु तकनीकी का इस्तेमाल, सामान्य थीम सर्वांगिक पोषणमाह के आयोजन के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय से सामुदायिक स्तर पर की जाने वाली गतिविधियों को साप्ताहिक गतिविधियों के रूप में विभाजित किया गया है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी प्रतिमा आचार्य ने बताया कि प्रथम सप्ताह अंतर्गत ऊपरी आहार तथा पोषण संबंधी गतिविधियों का आयोजन स्वास्थ्य, आयुष, उघानिकी, कृषि, खाघ एवं आपूर्ति ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित किया गया। जिसमें हितग्राहियों को स्तनपान, आईएफसीएफ, मोटे अनाज के इस्तेमाल, पोषण वाटिका के निर्माण, दूध एवं दूग्ध पदार्थो के इस्तेमाल, भोजन में खाघ विभिन्नता के संबंध में जानकारी ।
दूसरे सप्ताह में वृद्धि निगरानी से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा जिसमे स्वास्थ्य, आयुष, स्थानीय निकाय, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल जीवन मिशन, के सहयोग से गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। गतिविधियों के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को शारीरिक माप ,स्वस्थ बालक स्पर्धा, सैम-मैम बच्चों की पहचान, डब्ल्यूएएसएच पर बच्चों, किशोरियों, गर्भवतियों तथा धात्रियों का संवेदीकरण, जल संरक्षण एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। सितम्बर माह के दूसरे सप्ताह में आईएफएकी गोलियों का सेवन करवातेहुए पोषण उत्सव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि तीसरे सप्ताह में पोषण भी, पढ़ाई भी थीम के अंतर्गत कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। जिसमे शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग,खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ईसीसीई गतिविधियो को बढ़ावा देना, स्वदेशी खिलौनों का मेला, टॉयथन अंतर्गत स्वदेशी खिलौनों को बनाने की कार्यशाला, बच्चों के लिये खेल दिवस, योग एवं आयुष जीवन शैली को बढ़ावा देने से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।चुतर्थ सप्ताह के अंतर्गत एनीमिया थीम पर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा जिसमे स्वास्थ्य, आयुष, एसआरएलएम, एनएसएस, पंचायत विभाग सहयोगी विभाग के रूप में रहेगे। इसके अंतर्गत बच्चों, किशोरियो, प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं, स्कूल/छात्रावासों, के लिये एनीमिया शिविर का आयोजन किया जायेगा। साथ ही साथ पंचायत स्तर पर एनीमिया संबंधित गतिविधियां, आयुष विशेषज्ञों के साथ आयुष आधारित एनीमिया संवेदीकरण का कार्य भी किया जायेगा। उन्होंने प्रखंड के सभी सेविकाओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में सभी गतिविधियों की आयोजन जन आंदोलन के रूप में करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लापरवाह सेविकाओं को चिन्हित कर विधि संवत कार्रवाई की जाएगी। वहीं महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश देते हुए कहा गया कि अपने सेक्टर क्षेत्र में संबंधी सभी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाने के साथ ही कार्यालय को स्व समय प्रतिवेदन उपलब्ध करना सुनिश्चित करेंगे।


