बिहार राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार रह चुके डॉक्टर चंदन अग्रवाल ने राष्ट्रपति से मिलकर निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली पर सुझाव साझा किया।
तेघड़ा से आर एम न्यू संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
कानपुर-जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन । डॉ. चंदन अग्रवाल पिछले कई सालों से शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों से गुणवत्ता वाली शिक्षा को आगे बढ़ाते आए हें।शिक्षा क्षेत्र में किए गए अनोखे कार्यों को देखते हुए बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने 13 अप्रैल को उन्हें शिक्षा सलाहकार पद पर नियुक्त किया था। डॉक्टर चंदन अग्रवाल ने राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति से मिलकर निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गतिविधियों पर अपना अनुभव साझा किया। इस दौरान डॉ. चंदन अग्रवाल ने बताया कि बिहार में उच्च शिक्षा को लेकर काफी कार्य किया जा सकता है एवं नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए महामहिम राष्ट्रपति के दिए गए निदेशानुसार वह एक सार्थक परिवर्तन लाने का पूरा प्रयास करेंगे।बता दें जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन डॉ. चंदन अग्रवाल एक सफल युवा उद्यमी के साथ-साथ बहुत ही दूरदर्शी व्यक्ति माने जाते है। डॉ.चंदन अग्रवाल का जन्म 12 अक्टूबर 1984 को हुआ था। वे मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले अंतर्गत तेघरा अनुमंडलीय बाजार के जाने माने व्यवसायिक एवं राजनीतिक हस्ती एवं सोशल क्षेत्र में प्रतिभा के धनी सुरेश प्रसाद रोशन के पुत्र हें। । उन्होंने नरसी यूनिवर्सिटी मुम्बई से एमबीए की पढ़ाई की है। जहां वो स्वर्ण पदक विजेता रहे। इसके साथ ही लंदन में इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ अमेरिका से पीएचडी की डिग्री भी प्राप्त की है। सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि के साथ-साथ डॉक्टर अग्रवाल ने लखनऊ में जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, जीडी गोयंका टॉडलर हाउस, और कानपुर में जीडी गोयंका मोंटेसरी की स्थापना में पूरे दिल से प्रयास किया। शिक्षा के लक्ष्य के अलावा डॉक्टर चंदन सभी पहलुओं में समग्र बाल विकास में विश्वास करते हें।डॉ चंदन की अत्यधिक लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें कई मान्यताएं और पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्ष 2016 का उद्यमी पुरस्कार, वर्ष 2018 में चैंपियंस आफ चेंज अवार्ड, उत्तर भारतीय शिक्षाविद सम्मान, सर्वोच्च परिषद द्वारा नाइटवुड की उपाधि, 2021 में बीसीसीआई से संबंध बिहार क्रिकेट संघ के सलाहकार भी रहे। यह सभी निस्संदेह भारत को एक ऐसे राष्ट्र के करीब ले जाते हें । जो गरीबी, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के पंजे से बचकर समृद्धि की ओर उड़ान भरने के लिए तैयार है। जो केवल शिक्षा से ही पैदा होती है। इन्होंने बहुत कम उम्र में ही बहुत कुछ हासिल किया है।











