कोलकाता, मुजफ्फरपुर और उत्तराखंड में हुए रेप व हत्या के खिलाफ AISF तेघड़ा अंचल परिषद का कैंडल मार्च
तेघरा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा / बेगूसराय
कई राज्यों से बलात्कार के मामलों की दुखद खबरों के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन तेघड़ा के उपाध्यक्ष देव कुमार की नेतृत्व में 20 अगस्त 2024 को तेघड़ा के रामेश्वर सिंह स्मारक भवन से तेघड़ा मस्जिद चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया । इस कैंडल मार्च को AISF के राज्य संयुक्त सचिव राकेश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि आरजी कल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज कोलकाता से एक चिकित्सक के साथ जघन्य बलात्कार और हत्या, संस्थान और अधिकारियों द्वारा सामाजिक दृष्टिकोण और प्रणालिगत विफलताओं की कठोरता की एक कठोर याद दिलाता है ।कोलकाता बलात्कार और हत्या के कुछ दिनों के भीतर उत्तराखंड और बिहार के मुजफ्फरपुर की 9 वीं की दलित छात्रा की साथ यौन हिंसा और कई भीषण मामले सामने आते हें। प्रत्येक यौन हिंसा एक गंभीर याद दिलाता है कि देशभर में महिलाओं और युवा लड़कियों के खिलाफ हिंसा जारी है हम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के कार्य और निश्चित प्रस्ताव का निंदा करते हें ।जो इस मुद्दे को आत्महत्या और मामला और राजनीतिक साजिश के रूप में छुपाने की कोशिश कर रही है आईजी कर अस्पताल के प्रिंसिपल संदीप घोष को कोलकाता नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल के रूप में स्थानांतरित कर रही है। हम इस कैंडल मार्च के माध्यम से कहना चाहते हें कि कोलकाता मामलों की जांच कर रही है केंद्रीय जांच ब्यूरो( CBI)से राजनीतिक खेतों से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करने का आग्रह करते हें। यह वहीं केंद्र सरकार है जिसने महिला और पुरुष पहलवान पर हमला किया जब उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह द्वारा छेड़छाड़ के खिलाफ आंदोलन किया। इस कैंडल मार्च में AISF तेघड़ा के अध्यक्ष मो सिराज, सैयद जैद अहमद, अभिनव कौशिक राजा, सोलू सावंत, आनंद कुमार, अग्नि बेस, रंजन, राहुल, दीपक, मोनू विशाल, आकाश प्रधान, रविश, सन्नी, रोहित, कृष्ण, भोला, छोटू, सुमित, आदित्य सहित दर्जनों छात्र शामिल थे।








