भगवान श्रीकृष्ण के भक्ति रस में डूबा श्री कृष्ण नगरी तेघड़ा
तेघरा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा (बेगूसराय) : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर आयोजित मेला के दूसरे दिन गुरुवार को भी लाखों लोगों ने भगवान के दर्शन किए। भगवान की मूर्ति को देखकर ऐसा प्रतीत होता रहा था कि मथुरा और वृंदावन में श्रीकृष्ण की लीला का दर्शन कर रहे हें। दूसरे दिन श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि मेला क्षेत्र दस किलोमीटर में एक समान भीड़ नजर आ रही थी। बाजार की सड़कों पर दोनों तरफ लाइट की चकाचौंध के बीच श्रद्धालु काफी मशक्कत से एक से दूसरे पंडाल तक पहुंच पा रहे थे। *भक्ति भजनों से तेघड़ा गुंजायमान* श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले में विभिन्न पंडालों में भगवान के भक्ति रस के भजनों की गूंज श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहा था। इसमें बांके बिहारी की देख छंटा...., तेरी मन गयो लटा पटा..., प्रभु आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है..., राधे राधे जपा करो कृष्ण नाम रस पिया करो.. आदि भजन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। मेला के दौरान विभिन्न मेला मंडप कार्यालयों पर भटकने और बिछड़ने का सिलसिला चलता रहा। काफी भीड़ की वजह से श्रद्धालु अपने स्वजनों और बच्चों से बिछड़ जाते तो मेला में बनाए गए खोया-पाया कार्यालय पर उद्घोषणा करवाने चले आते। मेले के दौरान जिस तरह भगवान की एक झलक पाने को भक्तों की भीड़ उमड़ रही थी उसी तरह विभिन्न झूला मैदानों में भी काफी भीड़ जमी रही। श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के झूलों का लुत्फ उठाया। वहीं मीना बाजार एवं होटल में खान पान की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ देखी गई। झूला मैदान में विभिन्न प्रकार के झूलों का लोग लुत्फ उठाया। मीना बाजार में सबसे अधिक भीड़ महिलाओं की देखी जा रही थी, जहां महिलाएं अपने पसंदीदा सामानों की खरीदारी में व्यस्त दिखीं।मेले के दौरान कई जिलों से श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद लिया। इसमें समस्तीपुर, हाजीपुर, रोसड़ा, मोहद्दीनगर, मुजफ्फरपुर, छपरा, सिवान, दरभंगा, मधुबनी, पटना, लखीसराय, खगड़िया, सहरसा, भागलपुर, बांका, शेखपुरा तक के लोग मेला देखने पहुंचे। पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखने के लिए बाजार के मुख्य चौक के पास ऊपरी तल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां अंचलाधिकारी रवि शंकर कुमार के द्वारा पूरे मेले की मॉनिटरिंग की जा रही है। वही मेला क्षेत्र की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी खुद मंडल पदाधिकारी राकेश कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ रविंद्र मोहन प्रसाद करती नजर आए।
इस बार मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 50 मजिस्ट्रेट 50 पुलिस पदाधिकारी 300 सशस्त्र बल 100 महिला बल सहित सभी चौकीदारों को लगाया गया है मेला अवधि में वाहनों का आना-जाना निषेध घोषित किया गया है। *50 करोड़ का होता है कारोबार* पांच दिवसीय महोत्सव में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु मेले में पहुंचते हें। इस इलाके का कोई ऐसा घर नहीं होता है जहां मेहमानों व अतिथियों की टोली ना पहुंची हो। पांच दिनों के इस मेले में लगभग 50 करोड़ का कारोबार मीना बाजार, झूला ग्राउंड, मिठाई की दुकानों होटलों चाट पकौड़े की दुकानों व हजारों दुकानों के कारोबारों से होता है। वहीं विभिन्न मेला क्षेत्र भगवान के विभिन्न रूपों की झलकियां के साथ पूरे क्षेत्र के आकर्षक तरीके से बनाए गए तोरण द्वार आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआहै। इस ऐतिहासिक मेला की चर्चा देश के अलावे विदेश में भी होती है। मेला के संयोजक अरुण कुमार साहू ने बताया कि तेघड़ा कृष्ण जन्मोत्सव मेला क 97 वां वर्ष मनाया जा रहा है





