मेला के अंतिम दिन भी राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन रहा तेघड़ा का पूरा इलाका
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
तेघड़ा : बड़ी देर भई नंद लाल तेरी राह ताके बृजवाला के गीतों से गुंजायमान हो रहा तेघड़ा का कृष्ण जन्माष्टमी मेला । मेला के अंतिम दिन 31 अगस्त शनिवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लगभग पांच लाख श्रद्धालु तेघड़ा पहुंच कर मेले का लुत्फ उठाया। मेला समाप्ति की ओर है लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है।मेला में एनएच 28 चौक पर ट्रैफिक को लेकर पुलिस के जवान रहे पूरी रात परेशान रहे।तेघड़ा पश्चिमी छोर नवीन पूजा समिति से लेकर तेघड़ा रजिस्ट्री ऑफिस तक और तेघड़ा मस्जिद चौक से तेघड़ा स्टेशन रोड तक सिर्फ लोगों की भीड़ ही भीड़ ही नजर दिखायी पड़ी। गौड़ा, मुसहरी, तेयाय,आधारपुर, पिढ़ौली आदि अन्य गांवों से महिलाएं, पुरुष और बच्चे पैदल ही मेला देखने के लिए जा रहे थे। ज्यों ज्यों रात होने लगी वैसे -वैसे स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।सभी 15 मंडपों पर सजावट से पूरा तेघड़ा जगमगाते रहें ।सभी स्थानीय लोगों के यहां सगे-संबंधियों का जमावड़ा लगा हुआ है।उनके घर भी उत्सव का माहौल है। पुलिस के द्वारा भी मेला में असामाजिक तत्वों और पॉकेटमारों पर कड़ी निगरानी की जा रही थी ।इससे अलग इस मेला में सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था को लेकर सफाई कर्मीयों का बहुत बड़ा रोल दिखा ।लेकिन चापाकल और अस्थाई शौचालय का अभाव दिखा। *श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे रहे जवान एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि*आयोजित मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन पर प्रशासन भी सतर्क रही। अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉक्टर रविंद्र मोहन प्रसाद के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार, अंचलाधिकारी रविशंकर कुमार एवं थाना अध्यक्ष अमलेश कुमार की देख - रेख में सेक्टर वाइज मजिस्ट्रेट, पेट्रोलिंग पुलिस पार्टी एवं पूरे मेला क्षेत्र में काफी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस की तैनाती और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा से मॉनिटरिंग किया जा रहा था। तेघड़ा मेला में बिहार के मधुबनी की पेंटिंग, भागलपुर का सिल्ह , भागलपुरिया चादर और उत्तर प्रदेश की जलेबी तथा गाजियाबाद और हाजीपुर की चुड़ी, राजस्थान का चीनी मिट्टी का बर्तन और संगमरमर की मूर्ति, सूरत की साड़ियां और कानपुर के खिलौने पूरे तेघड़ा मेला में चांद चांद लगाए हुए थे



