खुशहाली के लिए छोटा रखें परिवार का आकार --- डॉ रामकृष्ण
अनुमंडलीय अस्पताल तेघरा अंर्तगत सभी 27 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर V H S N D पर कार्यक्रम आयोजित किया गया वहीं पीढ़ौली वेलनेस सेंटर में गुरुवार को सास-बेटा-बहू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ रामकृष्ण ने कहा कि खुशहाली के लिए परिवार का आकार छोटा होना चाहिए। इसके लिए परिवार नियोजन जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिशन विकास परिवार के अंतर्गत परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए ही ' सास-बेटा-बहू ' सम्मेलन सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा विविध कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। सास-बेटा-बहू सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सास और बहू के मध्य समन्वय और संवाद बेहतर कर प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति पुरानी सोच, उनके व्यवहार एवं विश्वास में बदलाव लाना है।परिवार के सभी निर्णयों में पुरूषों की सहमति सर्वोपरि होने के चलते सास-बहू सम्मेलन में बेटे का प्रतिभाग आवश्यक मानते हुए यह सम्मेलन सास-बेटा-बहू सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में प्रतिभाग करने वाले सास-बेटा और बहुओं को परिवार नियोजन के फायदे बताए गए। पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि दीपक कुमार ने बताया कि छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन अपनाना बहुत जरूरी है। जब किसी के घर में नई बहू आती है और उसे दो साल में कोई संतान नहीं होती है तो लोग तरह-तरह की बातें शुरू कर देते हें। यह एक भ्रांति है। इसे मिटाना होगा। छोटा परिवार और खुशहाल परिवार के लिए नव दंपति को शादी के दो साल के बाद ही संतान के लिए योजना बनानी चाहिए। साथ ही दो बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतराल रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अनचाहे गर्भ से मुक्ति के लिए ' बाॅस्केट आफ च्वाइस ' में से परिवार नियोजन के मनपसंद साधनों को चुना जा सकता है। इसमें माला एन,आईयूसीडी , त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा और कंडोम आदि शामिल है।यदि किसी का परिवार पूरा हो गया हो तो स्थाई सेवा( नसबंदी) अपना सकता हें।( सीएचओ) पल्लवी कुमारी ने कहा कि सास-बहू एक दूसरे की भावनाओं को समझें। हर सास अपनी बहू को बेटी तथा हर बहू अपने सास को मां समझें। इससे परिवार शांति और खुशहाली की तरफ बढ़ेगा। कार्यक्रम के दौरान सास-बेटा और बहू को छोटा, स्वस्थ और खुशहाल परिवार का महत्व समझाया गया।साथ में परिवार नियोजन के साधनों के बारे में विस्तार से बताया गया। मुखिया अनुराग प्रताप सन्नी ने कहा कि परिवार नियोजन के साथ साथ साफ सफाई भी बहुत जरूरी है। साफ सफाई से कई बीमारियों से बचाव संभव है। सम्मेलन में भाग लेने आई 21 वर्षीया कविता ( बहू) ने बताया कि उसे केवल दो सन्तान ही चाहिए। आयोजन के दौरान दो बच्चों के जन्म में तीन साल का अंतर रखने की जानकारी मिली। इसके लिए वह परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल करेंगी। करीब 55 वर्षीया बबीता देवी (सास) ने बताया कि परिवार में दो बच्चे ही चाहिए ताकि ठीक से देखभाल और पढ़ाई लिखाई हो सके। जब परिवार छोटा रहेगा तो घर में खुशियाँ आएंगी।







