प्रवासी मजदूरों के साथ होता है हादसा तो बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना का मिलेगा लाभ।
तेघड़ा ,बेगूसराय
बिहार से रोजगार की तलाश में रोजाना पलायन कर रहे लोगों व दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के दौरान अगर कोई हादसा होती है तो इस हद के चलते लोगों की जान भी चली जाती है । वहीं कुछ लोग आंशिक या पूरी तरीके से अपंग हो जाते हें। ऐसे श्रमिकों के परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में परिवर्तन किया गया है।
इस परिवर्तन के उपरांत बिहार से बाहर हादसे का शिकार हुए कामगारों के परिवार को भी योजना का लाभ आसानी से मिल पाएगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी तेघड़ा राकेश कुमार ने बताया कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना से लाभ पाने के लिए प्रवासी मजदूरों को प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर ही अब आवेदन देना होगा । इस योजना को अब लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत शामिल किया गया है। बता दे की 14 अगस्त 2023 के बाद प्रवासी मजदूरों की मृत्यु के बाद 2 लाख रुपया देने का प्रावधान किया गया है। पात्रता के लिए मजदूर की आयु 18 से 65 साल के बीच होनी चाहिए। योजना में प्रवासी मजदूर का काम करने या काम स्थल पर आने जाने के क्रम में दुर्घटना के कारण मृत्यु होने की स्थिति में आश्रितों को 2 लाख रुपया ,स्थाई अपंगता में 75000 और अस्थाई अपंगता के लिए 35 हजार 500 मिलेंगे रुपया मिलेंगे। आश्रितों की घोषणा प्रखंड के सीईओ करेंगे। इस योजना का शत-प्रतिशत व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।
*आतंकवादी मामले में शिकार होने पर भी शलाभ*
बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के अंतर्गत मजदूरों को ट्रेन या सड़क दुर्घटना, विद्युत स्पर्श घात, सांप के काटने, पानी में डूबने, अगलगी, पेड़ या बिल्डिंग से गिर जाने, जंगली जानवरों के आक्रमण और आतंकवादी अथवा आपराधिक आक्रमण का शिकार होने पर भी मजदूरों को अनुदान का लाभ मिलेगा। चोट, आत्महत्या या मादक द्रव्यों के सेवन के प्रभाव से हुई दुर्घटना कानून का उल्लंघन करने में अगर कोई दुर्घटना होती है तो योजना के अंतर्गत मुआवजा नहीं मिलेगा।



