ज़मीन का एनओसी मिलने के बावजूद भी नहीं बन रहा स्वास्थ्य उप केंद्र।
राज्य सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवा बेहतर बनाने के लिए लंबी खाका खींच रखा है। लेकिन इस सबसे इधर निपनियां मघुरापुर में स्वास्थ्य विभाग को जमीन का एनओसी प्राप्त होने के बाद भी हेल्थ वैलनेस सेंटर नहीं बन पा रहा है। यहां पूरे पंचायत के हर वर्ग के लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यूं कहें कि यहां के लोग पूर्ण रूप से ग्रामीण चिकित्सकों के भरोसे जी रहे हें। हालांकि यहां स्वास्थ्य केंद्र नौलक्खा के प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में किसी तरह संचालित होते आ रही है। लेकिन अपना भवन नहीं होने से कई तरह की कठिनाइयों की सामना वहां पदस्थापित स्वास्थ्य कर्मियों एवं ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र का अपना भवन नहीं होने से नियमित संचालन एवं व्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था का घोर अभाव है। यहां के लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए ग्रामीण चिकित्सकों पर आश्रित रहना पड़ता है या फिर प्राइवेट नर्सिंग होम में जाकर महंगी चिकित्सा व्यवस्था एवं महंगी दवाई से लोगों का जेब ढीला होना स्वाभाविक है। पूछे जाने पर पंचायत के मुखिया चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कहने पर निपानियां मघुरापुर पंचायत के वार्ड संख्या 8 में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध है इसके लिए विभाग को अंचल कार्यालय से एनओसी भी प्राप्त हो गया है। फिर भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि यह पंचायत बाढ़ ग्रसित पंचायत है। जहां बाढ़ और सुखार की स्थिति में यहां की जनता को अपना स्थाई स्वास्थ्य उप केंद्र नहीं होने से स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्था भगवान भरोसे रहता है। उन्होंने जिला पदाधिकारी व जिला सिविल सर्जन से पंचायत में जल्द ही स्वास्थ्य उप केंद्र निर्माण करवाने की मांग की।





