शिमला ड्रग्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड अवैध रूप से बन रही आर्युवेद दवा
तेघड़ा थानां क्षेत्र के तेघड़ा नगर परिषद वार्ड नं 16 अवस्थित शिमला ड्रग्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में गुरुवार को लगभग दो बजे तेघड़ा एसडीएम राकेश कुमार, डीएसपी डॉक्टर रविन्द्र मोहन प्रसाद, सीओ शुश्री रश्मि,सहायक ड्रग्स कान्ट्रोलर ललन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। मौके पर तेघड़ा सेल टैक्स पदाधिकारी, बिजली जेई,तेघड़ा एमओ और तेघड़ा थाना की पुलिस भी मौजूद थे । एसडीएम राकेश कुमार ने बताया की गुप्त सूचना मिली कि कबीर मठ के प्रांगण में अवैध तरीके से आयुर्वेदिक दवा का निर्माण किया जाता है । निरीक्षण में पाया इस फैक्ट्री में मानक के अनुरूप कोई भी कार्य नहीं हो रहा है वहीं मौजूद सहायक ड्रग्स कंट्रोलर ललन कुमार सिन्हा ने बताया आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री का निर्माण में कई तरह की त्रुटियां पाई गई है । एक लाइसेंस जो शिमला ड्रग्स हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से 2021 में जारी किया गया है उस पर दवा बन रही है । उसके बाद पूर्व में भी लाइसेंस संख्या 956/11 इसकी वैधता 2016 तक ही थी लेकिन इसी लाइसेंस में जनवरी 2023 लेबल लगा हुआ दवा का निर्माण हो रहा है । लाइसेंस संख्या 477/ 91 इस लाइसेंस का इनके पास कुछ भी नहीं है लेकिन इसका भी दवा निर्माण अवैध तरीके से फैक्ट्री संचालक के द्वारा किया जा रहा है । आयुर्वेद का मामला आयुष विभाग के अंतर्गत आता है उस विभाग के पदाधिकारी को सूचना दे दी गई है वह आकर इसे बारीकी से देखेंगे और जो भी उचित कार्रवाई होगी किया जाएगा । फैक्ट्री संचालक चंद्र प्रकाश गुप्ता मौजूद नहीं थे उनका मोबाइल भी बंद बता रहा था वही संचालक की पत्नी सरगम ने बताया दवा का निर्माण किताब और यूट्यूब देखकर करते हें। और बताया कि इस फैक्ट्री का एक ऑफिस कोलकाता में भी है । सहायक ड्रग्स कंट्रोलर ने औचक निरीक्षण में बताया की दवा फैक्ट्री पर एक भी केमिस्ट मौजूद नहीं थे जबकि दो-दो लोगों का नाम लाइसेंस में दिया गया है । यह दोनों केमिस्ट फैक्टरी पर नहीं आते हें। तो क्यों अपने नाम का लाइसेंस दिए हें। यह मामला भी संदिग्ध प्रतीत होता है । खबर प्रेषित होने तक पदाधिकारी जांच पड़ताल में जुटी हुई हैं।










