नियोजित शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षा निर्देशक व डीईओ का किया पुतला दहन
वीरपुर बेगुसराय आरएम न्यूज संवाददाता संतोष कुमार कि खास रिपोर्ट।
एनआईओएस से प्रशिक्षण प्राप्त नियोजित शिक्षकों के एरियर भुगतान को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के द्वारा रोके जाने मामले पर टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने बीआरसी वीरपुर के गेट पर गुरुवार को राज्य के प्राथमिक शिक्षा निर्देशक व जिले की डीईओ का पुतला दहन किया।
पीड़ित आक्रोशित शिक्षकों ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नारे लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।इस अवसर पर टीईटी के राज्य संयोजक राजू सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक कानून बनाया था,कि पूरे देश में 31 मार्च 2019 तक सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा कर लेना है।जिसके आलोक में भारत सरकार ने एनआईओएस के माध्यम से पूरे बिहार के नियोजित शिक्षकों को प्रशिक्षण करवाया था।केंद्र व राज्य सरकार ने ही प्रशिक्षण हेतु उस संस्थान को तय किया था।हम सभी नियोजित शिक्षकों ने उस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया और मार्च महीने में परीक्षा भी दिया था।इस संबंध में एनआईओएस ने एक पत्र जारी कर बताया कि प्रशिक्षण चर्या मार्च 2019 है।इसके बावजूद बिहार सरकार के प्राथमिक शिक्षा निर्देशक ने इन दिनों एक पत्र जारी किया।उस पत्र के आलोक में डीपीओ स्थापना ने जिले के लगभग 1500 एनआईओएस से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों का वेतन तत्काल रोक दिया है।जिसको लेकर हम सभी शिक्षकों में आक्रोश है।आज टीईटी संगठन के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निर्देशक से मिलने हेतु निकल गए हैं और चार मार्च को इस मामले को लेकर शहर के गांधी स्टेडियम में बैठक कर आगे की रणनीति व आंदोलन पर विचार विमर्श करेंगे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बार-बार राज्यकर्मी का दर्जा व पुरानी पेंशन स्कीम से भटकाने हेतु शिक्षकों को प्रताड़ित किया जाता है।शिक्षक नेता शिव कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार जब बार-बार शिक्षकों को प्रताड़ित कर रही है तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना कैसे की जाएगी।रितेश कुमार ने कहा कि शिक्षकों को प्रताड़ित व दोहन करने का काम सरकार कर रही है तो शिक्षा में सुधार कैसे की जाएगी।बकाया राशि न्यायालय के आदेश के पहले की है।मौके पर मनोहर विद्यार्थी,कृष्ण कुमार,नीरज कुमार,संतोष कुमार,राहुल कुमार हेम कुमार हेम,किसलय कुमार,ओमप्रकाश,खुशबू कुमारी,सविस्ता प्रवीण आदि मौजूद थी।









