*यूपी पुलिस द्वारा लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को प्रताड़ित करने के खिलाफ ऐपवा ने निकाला जुलूस*
*कवि, लेखक, कहानीकार, पत्रकार, चित्रकार आदि के अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक की कोशिश चिंतनीय- सुरेंद्र*
*मोदी-योगी के ईशारे पर लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को यूपी पुलिस प्रताड़ित करना बंद करे-नीलम देवी*
ताजपुर, समस्तीपुर
योगी- मोदी के ईशारे पर लोकगायिका नेहा सिंह राठौड़ को यूपी पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने के खिलाफ अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला ऐसोसिएशन (ऐपवा) द्वारा मंगलवार को विरोध मार्च निकाला गया.
इस दौरान रहीमाबाद धर्मकांटा से ऐपवा से जुड़ी महिलाएं अपने- अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं नारे लिखे तख्तियां लेकर मोदी- योगी के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च ईमली चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई.
सभा की अध्यक्षता नीलम देवी ने की. सभा को अनीता देवी, रधिया देवी, फूल कुमारी देवी, सोनिया देवी, शिव कुमारी, सिया देवी समेत भाकपा माले के प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रखण्ड कमिटी सदस्य आसिफ होदा, मो० एजाज, प्रभात रंजन गुप्ता आदि ने संबोधित किया.
बतौर अतिथि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि एक लोक गायिका से योगी- मोदी सरकार ईतना डर गई कि पुलिस को आगे कर उसे प्रताड़ित कर रही है. सच लिखने वाले, सच बोलने वाले, आंदोलन करने वाले, कलाकार आदि के पीछे ये फासवादी सरकार कभी पुलिस को तो कभी ईडी, सीआईडी, एनसीबी तो फिर कभी किसी और संवैधानिक संस्थान को आगे कर परेशान करवाती है. यहाँ तक कि राजनीतिक विरोधियों एफआईआर, जेल भेजना तो छोड़िये, उसकी हत्या तक हो जाती है.
माले नेता ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को यूपी पुलिस द्वारा नोटीस भेजने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. उन्होंने न्याय पसंद लोगों से इस मामले को लेकर सड़क पर उतरने की अपील की है.



