पटना हाई कोर्ट ने बखरी मुख्य पार्षद गीता देवी कुशवाहा को दी बड़ी राहत,11 अप्रैल तक गिरफ्तारी पर लगी रोक
आरएम न्यूज बखरी से विकास कुमार मिश्रा की रिपोर्ट।
बखरी(बेगूसराय) हाईकोर्ट ने बखरी नगर पंचायत में 5.11 करोड़ रुपए के खरीद घोटाला केस में आरोपी मुख्य पार्षद गीता देवी को बड़ी राहत दी है।बीते 14 मार्च को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।मामले में अगली सुनवाई के लिए केस को 11 अप्रैल को लिस्ट करने को कहा है और तब तक आवेदिका के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में आवेदिका गीता देवी की तरफ से सुनवाई करते हुए चर्चित वकील ए के ठाकुर ने अंजनी कुमार शरण की एकल बेंच से अग्रिम जमानत देने की मांग की।मगर कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद तुरंत अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया।जस्टिस शरण ने सरकार के वकील दिलीप कुमार को इस मामले में चार हफ्ते के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा और तब तक आवेदिका के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश देते हुए मामले को 11 अप्रैल को अगली सुनवाई करने का आदेश दिए हैं।मालूम हो कि साल 2014 से 2017 के बीच बखरी नगर पंचायत में विभिन्न मदों में हुई खरीद में भारी वित्तीय अनियमितता की निगरानी विभाग ने जांच की थी।साल 2019 में निगरानी विभाग ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में इस केस में मुख्य पार्षद समेत आठ पार्षद नामजद आरोपी बनाया गया था और साल 2019 में ही सभी पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए थे।निगरानी जांच रिपोर्ट के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग के अवर सचिव व बेगूसराय डीएम के आदेश पर बखरी नगर परिषद के जेई दिलीप कुमार ने बखरी थाना में 24 मई 2022 को बखरी कांड संख्या 165/2022 एफआईआर दर्ज कराया।मामले का मुख्य आरोप बखरी नगर परिषद की मुख्य पार्षद गीता देवी कुशवाहा,पूर्व मुख्य पार्षद कुमारी संगीता राय और आधा दर्जन पूर्व पार्षदों पर लगाया गया है।






