नीतीश कुमार को लेकर जगदानंद सिंह के बयान पर सियासत शुरू।
लोकसभा चुनाव 2014 से पहले विपक्षी एकता की बात जोरों पर है लेकिन यह दावा कितना मजबूत होगा इसको लेकर बिहार जैसे राज्य में राजनीति शीतलहर में भी तप रही है । पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजर डाले तो हर बार मामला एक दूसरे को नेतृत्व स्वीकार करने पर ही अटक जाता है।बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस बार भी विपक्षी दल को इकट्ठा करने का जिम्मा लिया है और उन्होंने साफ कर दिया है कि मैं खुद पीएम के रेस में शामिल नहीं हूं। वही शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपने बयान में कहा कि किनीतीश कुमार को बिहार से निकलना होगा उन्हें देश भ्रमण पर जाना ही पड़ेगा उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव का आशीर्वाद मिला हुआ है इसलिए वे प्रधानमंत्री बनेंगे। उनके इस बयान से विपक्षी एकता में संशय पैदा हो सकती है। उनके इस बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस के श्याम किशोर राय ने कहा कि यह हाई लेवल की बातें हें इस तरह का बयान उचित प्रतीत नहीं होता इससे विपक्षी एकता मिशन में भ्रम पैदा हो सकती है।


