कमरथुआ की टोली पहुंचने से वातावरण बना भक्तिमय
नावकोठी/बेगूसराय/संवाददाता नवीन कुमार मिश्रा
प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत जुटने लगी कमरथुआ की भीड़।प्रखण्ड के महेश्वारा से पहसारा,इनैया,छतौना चौक,नावकोठी होते हुए कमरथुआ की टोली बोल -बम का नारा लगाते हुए देवघर की ओर पैदल जाते हैं।मिथिलांचल की धरती सीतामढ़ी,मधुबनी, समस्तीपुर,दरभंगा आदि जगहों से गंगा का जल भरकर बांस की कांमर के साथ पैदल सुल्तानगंज होते हुए देवघर की ओर जाते हैं।जाने के क्रम में विभिन्न जगहों पर रात्रि विश्राम करते हैं।फिर सुबह नित्य कर्म से निवृत्त होकर बांस की कांवर के साथ बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है,ओम नमः शिवाय आदि नारा लगाते हुए,भजन कीर्तन गाते हुए टोली के साथ आगे बढ़ते हैं।
कुछ कमरथुआ घर से ही देवघर तक दंडवत करते हुए चलते हैं।माघ महीने के कपकपाती ठंड में लोग नित्य क्रिया से निवृत्त होकर नंगे पाँव लगभग तीन सौ किलोमीटर की यात्रा कर बाबा की नगरी देवघर पहुंचकर उन्हें जल अर्पण करते हैं।यही नहीं मिथिला के हठी शिवभक्त 25 से 30 किलो वजन वाला बांस का कांमर के साथ अन्य सामग्रियों को लेकर चलते हैं।कुछ कमरथुआ तो पालकी नुमा कांमर को लेकर भी चलते हैं।सही कहा गया है कि मन में जुनून और दृढ़ भक्ति हो तो कठिन से कठिन तपस्या करने के लिए भी भक्त तत्पर रहते हैं।












