तेघड़ा अनुमंडल जन वितरण विक्रेता 10 जनवरी को पटना के धरना प्रदर्शन में स्वपरिवार होंगे शामिल
1 जनवरी से सभी जन वितरण विक्रेता के हड़ताल पर चले जाने से गरीब लाभार्थियों के बीच सरकार द्वारा मिलने वाली अनाज वितरण का कार्य पूरी तरह से ठप हो चुका है जिससे गरीब गुरवे परिवारों का चूल्हा बंद हो जाने की स्थिति में है। सोमवार को को तेघड़ा अनुमंडल डीलर्स एसोसिएश संघ के पदाधिकारियों द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा राकेश कुमार के द्वारा दिए शोकॉज के जवाब देने पहुंचे अनुमंडल के चारों प्रखंड से संघ के प्रतिनिधियों ने 10 जनवरी पटना के गर्दनीबाग में राज्य स्तरीय प्रदर्शन की तैयारी के सिलसिले में अनुमंडल कार्यकारी अध्यक्ष सह तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष पवन कुमार पासवान ने बताया 8 सूत्री मांग को लेकर यह हड़ताल पूरे बिहार में प्रारंभ किया गया है। संघ के आह्वान पर 10 जनवरी को पटना में पूरे बिहार के जन वितरण विक्रेताओं के साथ उनके स्वपरिवार प्रदर्शन में शामिल हो रहे हें जिसकी संपूर्ण तैयारी कर ली गई है।
अनुमंडल उप सचिव सह जिला संयुक्त सचिव राम सागर चौधरी ने बताया कि लंबित 2020, 2021 एवं 2022 की बकाया मारजिंग का भुगतान करने, अतिशीघ्र विक्रेताओं द्वारा दिसंबर 2022 का एन एफ एसए योजना की जमा राशि का भुगतान करने, वर्ष 2020 - 21 में इंडियन एवं आईसीआई बैंक में फसा हुआ पैसा की वापसी , सभी डीलर को सरकारी कर्मी का दर्जा के साथ ही वेतनमान आदि की मांगों के प्रति सरकार अब तक गंभीर नहीं है। 10 जनवरी राज्य स्तरीय प्रदर्शन के बाद जो दिशानिर्देश संघ के द्वारा तय किए जाएंगे उसके आलोक में तेघड़ा अनुमंडल के सभी जन वितरण विक्रेता उस निर्णय का अनुपालन करेंगे। ज्ञात हो कि तेघड़ा प्रखंड में कुल 1 लाख 6 हजार 22 परिवार, बछवारा में 91 हजार 995 परिवार, भगवानपुर में 90 हजार 267 परिवार एवं मंसूरचक में 53 87 परिवार खाद्य योजना से वंचित हो गए हें। जिनके सामने खाद्यान्न को लेकर भारी संकट उत्पन्न हो गई है। मौके पर मंसूरचक से विद्या सागर पासवान, सचिव देवनंदन, शंकर सदा, तेघरा संगठन मंत्री सुनील प्रसाद सिंह, सचिव चंद्र किशोर सिंह एवं कोषाध्यक्ष रामप्रकाश मोची आदि मौजूद थे



