मुख्य वक्ता कबीर दिव्य ज्योति संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य एक भटका हुआ भगवान है,जिस दिन सही सद्गुरु मिल जाएगा, तो भगवान से कम नहीं होगा। उदाहरण स्वरुप नरेंद्र संत रामकृष्ण परमहंस से मिलने के बाद सम्पूर्ण विश्व में विवेकानंद के नाम से अमर हो गया ।
विशिष्ट अतिथिगण कबीर दिव्य ज्योति संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती पूनम आजाद ने अपने भजन " सत्संग में जैबे सतलोक जैबे" गाकर दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। महंथ जागेश्वर दास, साध्वी विशाखा दासीन, सीता राम दास, टुनटुन दास, साध्वी जानकी दासीन,, साध्वी उम्दा दासीन आदि संतों महंथो ने अपने प्रवचन एवं भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। अगुआ सुरेश दास सपरिवार ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।





