सतत विकास के लक्ष्य को लेकर प्रखंड स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन ।
तेघड़ा (बेगूसराय)
पंचायती राज विभाग की ओर से पंचायतों में सतत विकास के लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति के तहत विजन 2030 को लेकर प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत ई किसान भवन तेघड़ा में 8 दिसंबर गुरुवार से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को विधिवत संपन्न हो गया। अंतिम दिन के प्रशिक्षण में थींम 7 सेवन के चिन्हित पंचायत चिल्हाय, पिपरा दोदराज एवं धनकौल पंचायत के मुखिया, उप मुखिया एवं पंचायत सचिवों ने भाग लिया । प्रशिक्षण समापन के दौरान प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सतत विकास के लक्ष्यों ( एस डीजी ) के तहत एक गरीबी मुक्त पंचायत जो यह सुनिश्चित करती है कि सामाजिक सुरक्षा हो ताकि कोई भी गरीबी में वापस ना जाए। एक ऐसा गांव जहां सभी के लिए बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य व आजीविका के साथ-साथ विकास और समृद्धि हो।
उन्होंने बताया कि इस योजना अंतर्गत गरीबी मुक्त और उन्नत जीविका हेतु मेन पावर को प्रशिक्षित किया गया है ताकि धीरे-धीरे कार्यों की गुणवत्ता के आधार पर पंचायतों का सर्वांगीण विकास हो सके और लक्ष्य की ओर पंचायत को एक आदर्श पंचायत बनाया जा सके। कार्यशाला में पिपरा दोदराज के मुखिया नीरज प्रभाकर, चिल्हाय पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार महतो, धनकौल के उप मुखिया, लेखापाल शनीश कुमार एवं पंचायत सचिव ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यशाला में जिला प्रशिक्षक प्रियंका भारती ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में जागरूकता पैदा करने के साथ ही सभी के लिए सतत समावेशी और आर्थिक विकास, शांतिपूर्ण तथा समावेशी समाज को बढ़ावा देने, आजीवन शिक्षा ,स्वास्थ्य के अवसरों को बढ़ावा देने तथा खाघ सुरक्षा और बेहतर पोषण के अलावे गरीबी उन्मूलन जल और स्वच्छता के साथ ही महिलाओं तथा बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए 2030 की लक्ष्य हासिल करने के प्रति जन भागीदारी सुनिश्चित करना है।




