रंगदर्शन आर्ट ग्रुप द्वारा ग्रुप द्वारा आयोजित 10 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन
रंगदर्शन आर्ट ग्रुप द्वारा आयोजित दस दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन स्वामी विवेकानंद कोचिंग सेन्टर, जगदर में किया गया। कार्यशाला में चालीस प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में भाग ले रहे प्रतिभागियों ने कार्यशाला में सीखे हुए अभिनय तकनीकों, इम्प्रोवाइजेशन, ऑब्जर्वेशन, बॉडी मूवमेंट, वॉइस एन्ड स्पीच तथा संगीत का कोलाज बनाकर शशिकान्त कुमार के निर्देशन में रियाज़ के नाम से प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि वीरपुर प्रखंड प्रमुख मीना देवी, रंगदर्शन आर्ट ग्रुप के सचिव सह कार्यशाला निर्देशक शशिकान्त कुमार, स्वामी विवेकानंद कोचिंग सेन्टर के निदेशक प्रमोद महतों, रंगदर्शन आर्ट ग्रुप के अध्यक्ष और आस्था गुरुकुल संस्थान के निदेशक पंकज कुमार मौजूद थे।
प्रखंड प्रमुख मीना देवी ने कहा कि नाट्य शिक्षा का उद्देश्य बालक एवं बालिकाओं को सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से विकसित करना होता है। संस्था के अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि नाट्य कला विद्यार्थियों को अपने कौशलों एवं रचनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है। वही कोचिंग के निदेशक प्रमोद महतों ने कहा कि ऐसी कलाएं रचनात्मकता से परिपूर्ण होती है। यह बच्चों की कल्पनाओं को यथार्थ रूप में धरातल प्रदान करती है।
मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षित और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से नाट्य शास्त्र में स्नातकोत्तर नाट्य कार्यशाला के निदेशक शशिकान्त कुमार ने कहा संस्था का उद्देश्य शिक्षा में रंगमंच के माध्यम से विद्यार्थी को अपने भाव-पक्ष तथा तर्क-पक्ष को सृजनात्मकता से जोड़कर स्वस्थ मनोरंजन के साथ ज्ञान लाभ प्राप्त करवाना भी है। यह गतिविधियां विद्यार्थी को अधिक विचारशील, सकारात्मक और सृजनशील बनाती है। मंच संचालन अनुप्रिया ने किया। मौके पर प्रतिभागी छात्र छात्राओं में करीना, साक्षी, अनुप्रिया, दीपक, संगीता, ज्योति, विवेक, अंजली, सुधांशु, प्रियांशु, प्रेरणा कोचिंग के शिक्षक और कार्यशाला सहयोगी ललन कुमार, रमेश कुमार छोटू, शिव कुमार, वीरेश कुमार, अमरेश कुमार, चंदन कुमार, राजीव कुमार, संदीप कुमार रंगदर्शन आर्ट ग्रुप के रंगकर्मी रंजीत, संदीप, आदि मौजूद थे।





