पकठौल वार्ड 2 में स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां: उप मुखिया के घर के पास कचरे का अंबार,
वीरपुर (बेगूसराय/बिहार)
सरकार और प्रशासन द्वारा ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई को दुरुस्त रखने के लिए भले ही लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर स्वच्छता अभियान की पोल खुलती नजर आ रही है। पकठौल पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 2 का है, जहां स्वच्छता अभियान की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थिति इतनी बदतर है कि खुद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के आवास के पास ही गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है।
उप मुखिया के घर के बगल में कचरे ढेर
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड नंबर 2 में प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही का आलम यह है कि उप मुखिया के घर के ठीक बगल में कचरे का भारी अंबार लगा हुआ है। इस खुले में फेंके गए कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गम दुर्गंध और सड़न के कारण आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मच्छरों और मक्खियों के प्रकोप से बीमारियों फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
हद तो तब हो गई जब स्थानीय लोगों ने इस अमानवीय और दूषित हालात का विरोध किया और संबंधित जिम्मेदारों से इसकी शिकायत की। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा खाने (डंपिंग या फैलाव) के बावजूद जब इस लापरवाही पर सवाल उठाया गया, तो जिम्मेदार लोगों और दबंगों द्वारा कोई सुधार करने के बजाय खुलेआम मनमानी की जा रही है। विरोध करने वालों को बेखौफ होकर यह कहा जा रहा है— "जहां शिकायत करना है कर दीजिए, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"
प्रशासनिक भय और जवाबदेही के अभाव में इस तरह के तेवर से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों की प्रमुख समस्याएं और मांगें
संक्रामक बीमारियों का खतरा: खुले में लगे कचरे के ढेर से महामारी और संक्रामक बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया, डायरिया) के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
सड़क पर चलना मुश्किल कचरे का फैलाव रास्तों तक आ जाने से आने-जाने वाले राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शीघ्र सफाई की मांग आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और तेघड़ा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने, उप मुखिया के घर के पास जमे कचरे के ढेर को हटवाने तथा स्वच्छता अभियान के नाम पर खानापूर्ति करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।




