तेघरा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े मारपीट, छिनतई और जानलेवा हमला पुलिस की सुस्ती से आरोपी घूम रहे खुलेआम।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक नहीं दर्ज हुई एफआईआर पीड़ित ने चार नामजद युवकों पर लगाया सोने की चेन, मंगलसूत्र और नकदी लूटने का गंभीर आरोप
तेघरा (बेगूसराय)
बेगूसराय जिले के तेघरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में दिनदहाड़े मारपीट, छिनतई और जानलेवा हमले की घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन की उदासीनता के कारण अपराधियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि गंभीर मामलों में लिखित शिकायत और आवेदन देने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है, जिसके चलते आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है। थाने को दिए गए आवेदन के अनुसार, पीड़ित रोशन कुमार साह (पिता- बोले गणेश साह, निवासी- ग्राम परसिया, वार्ड नं. 05, थाना बिरौल, जिला दरभंगा, हाल मुकाम- ससुराल चिल्हाय, वार्ड नं. 6, थाना तेघरा) ने पुलिस को बताया कि वह अपने ससुराल चिल्हाय में रहकर गाड़ी चलाने का काम करता है।
घटना के विवरण के मुताबिक, पीड़ित जब भी मेला देखकर या अन्य कार्यों से घर लौटता है, तो कुछ दबंग किस्म के लड़के उसे निशाना बनाते हैं。 पीड़ित का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व भी आरोपियों ने उसकी गाड़ी रोककर जबरन रंगदारी और पैसे की मांग की थी जब उसने इसका विरोध किया, तो चार युवकों ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके गले से सोने की चेन व मंगलसूत्र छीन लिया。
नामजद आरोपियों पर गंभीर आरोप
पीड़ित रोशन कुमार साह ने तेघरा थाना में दिए गए आवेदन में चार युवकों को नामजद किया है:
सुधांशु कुमार (उम्र 18 वर्ष, पिता- सुबोध साह)
पियांशु कुमार (उम्र 17 वर्ष, पिता- सुबोध साह)
नीतीश साह (उम्र 24 वर्ष, पिता- राजु साह)
मनीष कुमार (उम्र 22 वर्ष, पिता- राजु साह) — सभी निवासी चिल्हाय, वार्ड नं. 6, थाना तेघरा, जिला बेगूसराय
पीड़ित का आरोप है कि दिनांक 22/10/2026 को सुबह जब वह अपनी दुकान खोलने जा रहा था, तब इन्हीं चारों आरोपियों ने उसे रास्ते में घेर लिया आरोपियों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से उसके सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसका गाल फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया
प्रशासन की लापरवाही और पीड़ितों की गुहार
घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष द्वारा तेघरा थाना में न्याय की गुहार लगाते हुए लिखित आवेदन दिया गया, परंतु स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यशैली के कारण अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस की इस निष्क्रियता से बेखौफ हुए आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए, नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।



