Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

Sach Aaj Tak News नीतीश पिछले 16 वर्षों से लगातार अपने ही घर में मां दुर्गा की भव्य और आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर पूरे धूमधाम एवं विधि-विधान से दुर्गा पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं।

 16 वर्षों की अटूट साधना आलापुर में भगवान के स्वप्नादेश से गढ़ी जा रही मां दुर्गा की अलौकिक प्रतिमा, अपने ही घर को बना दिया शक्तिपीठ

तेघड़ा (बेगूसराय) सच आज तक न्यूज संपादक राम आधार सहनी

मां भगवती की भक्ति में अपार शक्ति और असीम श्रद्धा होती है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तेघड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आलापुर वार्ड संख्या-11 में देखने को मिल रहा है। यहां के निवासी नीतीश कुमार राम मां की भक्ति में इस कदर लीन हैं कि उनका घर आज पूरे क्षेत्र में किसी सिद्ध 'शक्तिपीठ' से कम नजर नहीं आता। नीतीश कुमार पिछले 16 वर्षों से लगातार अपने ही घर में मां दुर्गा की भव्य और आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर पूरे धूमधाम एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

अलौकिक छटा और भव्य श्रृंगार कि नीतीश कुमार ने अपने घर के भीतर पूजा स्थल को अत्यंत सुंदर और भव्य रूप दिया है ​रंग-बिरंगे फूलों से सजा भव्य दरबार मुख्य प्रतिमा स्थल को चारों तरफ से लाल, पीले, गुलाबी व नीले रंग-बिरंगे प्राकृतिक और आकर्षक फूलों तथा विद्युत मालाओं से अलौकिक रूप में सजाया गया है।  मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा: दरबार के मध्य में मां दुर्गा/काली का भव्य रूप विराजमान है, जिनके हाथों में त्रिशूल और खड्ग शोभायमान हैं। साथ ही भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती व अन्य देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं।  कलश स्थापना व पारंपरिक पूजन सामग्री: पूजा स्थल पर हरे-भरे जवारे (जयंती/गेहूं के अंकुर) के बीच कलश स्थापित है। साथ ही जलता हुआ पीतल का अखंड दीपक, फल, मिठाई, ठेकुआ तथा विभिन्न प्रकार के प्रसाद की थाली श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई है।  

अन्य प्राचीन स्वरूप: दूसरे दृश्य में भगवान शिव के ऊपर विराजमान मां काली व अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न अलौकिक स्वरूप भी पूरी श्रद्धा के साथ स्थापित दिख रहे हैं।  स्वप्नादेश से स्वयं गढ़ते हैं प्रतिमा स्थानीय लोगों एवं परिजनों के अनुसार, नीतीश कुमार राम को भगवान की ओर से स्वप्नादेश (दिव्य अनुभूति) प्राप्त हुआ था। इसी प्रेरणा के बल पर वे बिना किसी पेशेवर मूर्तिकार की सहायता के स्वयं अपने हाथों से प्रतिमा का डिजाइन तैयार करते हैं और उसे अलौकिक रूप देते हैं। पूरे वर्ष वे मां की सेवा और नित्य पूजा-पाठ में लीन रहते हैं।

श्रद्धालुओं का उमड़ रहा सैलाब ​अकेले अपने दम पर इतनी भव्य सजावट और भक्तिमय माहौल तैयार करने वाले नीतीश कुमार की इस साधना को देखने के लिए आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। भक्ति और आस्था का यह अनोखा दृश्य पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मां दुर्गा की भक्ति में अपार शक्ति और असीम श्रद्धा होती है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तेघड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आलापुर वार्ड संख्या-11 में देखने को मिल रहा है। यहां के निवासी नीतीश कुमार राम मां की भक्ति में इस कदर लीन हैं कि उनका घर आज पूरा क्षेत्र में किसी सिद्ध 'शक्तिपीठ' से कम नजर नहीं आता। नीतीश पिछले 16 वर्षों से लगातार अपने ही घर में मां दुर्गा की भव्य और आकर्षक प्रतिमा स्थापित कर पूरे धूमधाम एवं विधि-विधान से दुर्गा पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं।

भगवान के रूपी दर्शन और स्वयं गढ़ी प्रतिमा स्थानीय लोगों और नीतीश कुमार के अनुसार, मां दुर्गा के प्रति उनकी निष्ठा इतनी प्रगाढ़ है कि भगवान ने उन्हें स्वयं आप-रूपी दर्शन (स्वप्नदेश/दिव्य अनुभूति) दिए। इसी प्रेरणा और दैवीय कृपा से वे बिना किसी मूर्तिकार की मदद लिए, स्वयं ही अपने हाथों से मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा का डिजाइन तैयार करते हैं और उसे तराशते हैं। वर्ष के 365 दिन वे मां की पूजा-अर्चना और साधना में लीन रहते हैं। रंग-बिरंगे फूलों व नयनाभिराम सजावट से महका 'गृह-धाम' नीतीश कुमार अपने अकेले दम पर बिना किसी बड़े वित्तीय सहयोग के, मां दुर्गा के दरबार को इतना अलौकिक रूप देते हैं कि देखने वाले दंग रह जाते हैं। घर के भीतर रंग-बिरंगे एवं प्राकृतिक फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया जाता है। आकर्षक विद्युत सज्जा और सजावट से पूरा परिसर जगमग हो उठता है। भक्तिमयी वातावरण और धूप-दीप की सुगंध से घर का कोना-कोना गुंजायमान रहता है।​श्रद्धालुओं का उमड़ रहा सैलाब बिना किसी शोर-शराबे और आडंबर के, केवल एक भक्त की निष्ठा और मेहनत के बल पर आयोजित होने वाली यह पूजा पूरे आलापुर और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मां के इस अलौकिक रूप के दर्शन और एक निष्ठावान भक्त की साधना को देखने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। सच्ची श्रद्धा हो तो ईश्वर स्वयं भक्त के द्वार पधारते हैं"— नितीश कुमार राम की यह 16 वर्षों की साधना इस बात का जीवंत प्रमाण है।










एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom